गरमायी निगम की राजनीति रणणीति बनाने में जुटे पार्षद

मुजफ्फरपुर : मेयर और उपमेयर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के साथ ही निगम की राजनीति अचानक गरमा गयी है. कुर्सी बरकरार रखने के लिए दोनों पक्षों ने कमर कस लिया है. महापौर एवं उपमहापौर के साथ ही उनके समर्थक भी जवाबी कार्रवाई में जुट गये हैं. दोनों गुट पार्षदों को अपने-अपने पक्ष में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 11, 2019 2:57 AM

मुजफ्फरपुर : मेयर और उपमेयर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के साथ ही निगम की राजनीति अचानक गरमा गयी है. कुर्सी बरकरार रखने के लिए दोनों पक्षों ने कमर कस लिया है. महापौर एवं उपमहापौर के साथ ही उनके समर्थक भी जवाबी कार्रवाई में जुट गये हैं. दोनों गुट पार्षदों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए हर तरह की रणनीति अपना रहें हैं.

किंग मेंकर भी पर्दे के पीछे से निगम की कुर्सी के इस खेल को अपने पाले में लाने की जुगाड़ में भिड़ गये हैं. इधर,मेयर, उपमेयर व किंग मेकर से अलग शहर के बड़े खिलाड़ियों का तीसरा मोर्चा भी सक्रिय हो गया है.

मेयर सुरेश कुमार की कुर्सी का फैसला पांचवें दिन होगा. उनके खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए उन्होंने 15 जून को तय किया है. उस दिन इस पर बहस व वोटिंग होनी है. दोनों पक्षों ने अपने पाले पार्षदों को लाने के लिए ताकत झोंक दिया है. मेयर की कुर्सी के फैसले के बाद ही उपमेयर के कुर्सी पर जोर आजमाइश होगी.
उपेक्षा को लेकर विरोधी ज्यादा मुखर
इस बार मेयर की मुश्किलें बढ़ी हुई दिखाई पड़ रही है. विरोधियों ने उनके कार्यकलाप को मुद्दा बनाया है. उपेक्षित पार्षदों के तीव्र विरोध को ही हथियार बना विपक्ष सक्रिय हुआ है. विपक्ष इस बार मेयर को कुर्सी से हटाने से नहीं चूकना चाहता, तो मेयर पक्ष किसी तरह सत्ता बचाने की हर कोशिश में लगा है.
विस चुनाव को लेकर सक्रिय हुए किंग मेकर
नगर निगम की राजनीति में अहम रोल निभानेवाले किंग मेकर एक बार फिर सक्रिय हो गये हैं. लेकिन आगामी विधानसभा को लेकर वे किसी तरह का कोई रिस्क लेना नहीं चाहते. इसलिए इस बार वे खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं. लेकिन, अपने-अपने चहेते पार्षदों के सहारे मेयर के कुर्सी के खेल को अपने पाले में लाने की जोर आजमाइश में लग गये है. इन किंग मेकरों के यहां पार्षदों की चहलकदमी उनके पर्दे के पीछे से चलाये जा रहे खेल की पुष्टि कर रही है. अलग-अलग गुट में बंटे पार्षद रात में बंद कमरे में उनसे मिलकर मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं.
इस बार किंग मेकरों को ही तौल रहे पार्षद
मेयर के कुर्सी के खेल को अपने पाले में करने में लगे किंग मेकर पार्षदों को तरह-तरह से प्रभावित करने की कोशिश में लगे हैं. लेकिन,इस बार पार्षद किंग मेकर को ही तौलने में लग गये हैं. कोई सशक्त स्थायी समिति में जगह मिलने तो कोई अन्य किसी डिमांड के पूरे होने की गारंटी के बाद ही अपने समर्थन के लिए हामी भरना चाह रहें हैं. इस बार कई पार्षदों के किंग मेकरों के यहां चक्कर लगाते देखे जाने की चर्चा है.