दो महीना में टूट गया 24 करोड़ से बना बागमती उपधारा का बांध

औराई : बेनीपुर गांव के समीप बागमती की उपधारा का बांध रविवार दोपहर को टूट गया. दो माह पहले ही 24 करोड़ की लागत से बना बांध व नदी की उड़ाही की गयी थी, लेिकन पहले ऊफान में बांध ध्वस्त हो गया. जानकारी के अनुसार बांध निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो गया था. कुछ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 1, 2019 7:45 AM

औराई : बेनीपुर गांव के समीप बागमती की उपधारा का बांध रविवार दोपहर को टूट गया. दो माह पहले ही 24 करोड़ की लागत से बना बांध व नदी की उड़ाही की गयी थी, लेिकन पहले ऊफान में बांध ध्वस्त हो गया. जानकारी के अनुसार बांध निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो गया था. कुछ जगहों पर लोहे की जाली लगानी बाकी थी. बांध टूटने पर जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन खेत में पानी फैलने से धान बुआई का कार्य प्रभावित हो गया है.

उपधारा पर बने बांध के टूटने से बागमती का पानी दक्षिणी बांध के सटे उप धारा होकर बहने लगा है. बागमती की दक्षिणी उपधारा प्रखंड क्षेत्र के बेनीपुर मटिहानी, फतेहपुर, बेरौना, मधुबन प्रताप, महुआरा, अतरार, चैनपुर चौर स्थित उप धारा होकर बागमती परियोजना दक्षिणी बांध से होकर धनौर के समीप जाकर मुख्यधारा में मिल गई है.
बागमती पुराने धार की गयी थी उड़ाही
24 करोड़ की लागत से बागमती की पुरानी धारा की उड़ाही बेनीपुर के समीप से धनौर गांव तक करीब दो माह पूर्व की गयी थी. बागमती की उपधारा को बांधने के कारण नदी का पानी पुरानी धारा मे आना शुरू हो गया था.
बांध टूटने वाली जगह पर उपस्थित बागमती प्रमंडल रुन्नीसैदपुर के सहायक अभियंता कुलानंद पंडित ने कहा कि नदी की उपधारा पर कौफर डैम बनाया गया था. अधिक पानी आने पर यहां पानी ऊपर से जाता और कम पानी आने पर मुख्यधारा में पानी निकलता. अचानक 15 मिनट के अंदर तेज पानी आने से बांध टूट गया. उन्होंने कहा कि दो दिनों में इसे पूर्ण रूप से बना दिया जायेगा.
बांध टूटने की सूचना को लेकर औराई बीडीओ सत्येंद्र कुमार, सीओ शंकरलाल विश्वास मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि जो बांध टूटा है. उसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जायेगा.
विस्थापितों में दहशत
बभनगामा पश्चिमी, मधुबन पटोरी, बाडा खुर्द, बाडा बुजुर्ग, महुआरा, चैनपुर, तरबन्ना समेत दर्जनों गांव के विस्थापित परिवार एक बार फिर सहम गये हैं. विस्थापित बभनगामा गांव के पंचायत समिति सदस्य शरफे आलम, शिक्षक मो. शाहिद ने बताया कि अब तक सरकार ने कुछ लोगों को ही मुआवजा दिया है. पुनर्वास की जमीन भी मुहैया नहीं कराई गई है, जिस कारण विस्थापित परिवार बांध के अंदर रहने पर मजबूर हैं.
फिर चचरी पुल बना सहारा
बागमती की उपधारा में अचानक पानी आ जाने के कारण लोगों को आवागमन के लिए चचरी पुल ही सहारा है. बागमती की दक्षिणी उपधारा में मधुबन प्रताप व अतरार घाट पर चचरी पुल से आवागमन शुरू हो गया है.