मुजफ्फरपुर : बच्चे चमकी बुखार से पीड़ित क्यों हो रहे हैं, इसके लिए केंद्रीय टीम बीमार बच्चों का बायोप्सी टेस्ट करा रहा है. टीम ने पीड़ित पांच बच्चों का सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ निमांस बेंगलुरू के लैब में भेजा है. सैंपल लेने के लिए लैब से डॉ रवि कुमार आये थे.
हालांकि अभी तक इसकी रिपोर्ट लैब ने नहीं दी हैं. मंत्रालय के निर्देश पर आये चाइल्ड हेल्थ के प्रभारी सह राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के सलाहाकार व संस्थापक डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि बीमारी क्यों हो रही है, इसकी जानकारी जुटायी जा रही है.
बीमार बच्चों का ब्लड जांच में लैब से जो रिपोर्ट आयी है, उसमें कोई वायरस की बात नहीं कही गयी है. जिसके बाद टीम ने बायोप्सी टेस्ट करा बीमारी का कारण जानना चाह रही है. एसकेएमसीएच में भर्ती पांच बच्चों की बायोप्सी में तीन चमकी बुखार से पीड़ित हैं. जबकि दो एइएस कंफर्म बच्चे हैं.
इन दोनों ही बीमारी से पीड़ित बच्चों का अलग अलग बायोप्सी टेस्ट कराकर टीम यह जानकारी लेना चाह रही है कि आखिर किन कारणों से यह बीमारी हो रही है. टीम के डॉक्टरों को माने तो बायोप्सी से यह भी जानकारी प्राप्त हो सकती है कि अगर कोई मच्छर व कीड़े ने काटा होगा और उससे बच्चों में यह बीमारी हो रही होगी, तो इसकी भी जानकारी मिल जायेगी.