बेतिया-नरकटियागंज पथ पर ट्रैफिक रोकने का आदेश
मुजफ्फरपुर/भागलपुर : बारिश के कारण उत्तर व पूर्व बिहार की नदियों में उफान है. इससे इससे पूर्वी चंपारण, मधुबनी, पश्चिम चंपारण में एक बार फिर बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है. बूढ़ी गंडक, बागमती व लालबकेया खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इधर, कटिहार में महानंदा, बरंडी व गंगा नदियों का जल स्तर बढ़ गया है. अररिया के फारबिसगंज के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है. वहीं, बाढ़ में डूबने से 11 की मौत हो गयी.
पूर्णिया में दो, अररिया में दो, कटिहार में एक और सहरसा में एक की जान चली गयी. वहीं, दरभंगा में विभिन्न स्थानों पर डूबने से पांच लोगों की मौत हो गयी है. बाढ़ के कारण बेतिया-नरकटियागंज मार्ग के साठी मुसहरवा के पास सड़क पर पानी के तेज बहाव के चलते प्रशासन ने ट्रैफिक रोकने का आदेश जारी कर दिया. वहीं लौरिया-रामनगगर मार्ग से आवागमन ठप रहा. मधुबनी में एनएच 104 पर पानी बह रहा है. वहीं, गुरुवार को कोसी बराज से एक लाख 82 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है.
बागमती, कमला समेत अन्य का बढ़ रहा पानी
पटना़ : बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, महानंदा, अधवारा समूह, खिरोई और परमान नदियों के पानी में गुरुवार को बढ़ोतरी दर्ज की गयी. वहीं दोपहर दो बजे तक कोसी नदी में वीरपुर बराज से एक लाख 77 हजार 645 क्यूसेक और गंडक नदी में बाल्मीकिनगर बराज से 73 हजार 400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड, दिघलबैंक प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ से बचाव के काम करवाये गये. मुजफ्फरपुर जिला के औराई प्रखंड में बेनीपुर चैनल के माउथ पर डिपोजिटेड सिल्ट की निकासी डोजर मशीन से की गयी. शिवहर जिला में बागमती नदी के दायां तटबंध पर पिपराही प्रखंड के कई गांव में मरम्मत का काम हुआ.