फिर टूटा लखनदेई नदी का बांध

औराई : बिशनपुर गांव स्थित लखनदेई नदी का बांध मंगलवार की देर रात दोबारा टूट गया. नवनिर्मित बांध को पांच दिन पहले ही बांधा गया था. इसके पहले 23 जुलाई को मरम्मत के दौरान यह बांध बह गया था. नवनिर्मित बांध के दोबारा टूट जाने से औराई, रतवारा पश्चिमी, रतवारा पश्चिमी, भलूरा, रामपुर, सिमरी, विशनपुर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 1, 2019 7:07 AM

औराई : बिशनपुर गांव स्थित लखनदेई नदी का बांध मंगलवार की देर रात दोबारा टूट गया. नवनिर्मित बांध को पांच दिन पहले ही बांधा गया था. इसके पहले 23 जुलाई को मरम्मत के दौरान यह बांध बह गया था. नवनिर्मित बांध के दोबारा टूट जाने से औराई, रतवारा पश्चिमी, रतवारा पश्चिमी, भलूरा, रामपुर, सिमरी, विशनपुर गोकुल समेत 16 पंचायतों के लोगों पर फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.

वर्ष 2017 में विशुनपुर बांध टूट गया था, लेकिन दो साल तक मरम्मत नहीं की गयी. सात दिन पहले करीब 20 मीटर बांध बहने से कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था. सौ एकड़ से अधिक जमीन में लगी फसल भी डूब गयी थी. विशुनपुर से औराई बाजार की दूरी दो किमी बतायी जाती है.
उपप्रमुख शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि तटबंध की दो बार मरम्मत की गयी. इसमें सरकारी राशि की बंदरबांट हुई है. वहीं, जदयू नेता पवन पटेल ने बताया कि तटबंध की मरम्मत नहीं होने पर रबी की फसल पर भी ग्रहण लग जायेगा. अंचलाधिकारी शंकरलाल विश्वास ने बताया कि ठेकेदार को इसकी सूचना दी गयी है. बांध को बांधने का प्रयास किया जा रहा है.
स्कूल में जाने का रास्ता गड्ढा में तब्दील
कटरा. प्रखंड के नवादा बालक मध्य विद्यालय के मुख्य गेट के सामने बाढ़ का पानी आ जाने से स्कूल में जाने का रास्ता गड्ढा में तब्दील हो गया है. नवादा निवासी लालबाबू साह का कहना है कि विद्यालय खोल दिया गया है. बच्चों को जान जोखिम में डाल कर विद्यालय में जाना पड़ेगा. प्रधानाध्यापक अंबुजेश चौधरी ने कहा कि सड़क को भरवाने के लिए मुखिया शीला देवी को जानकारी दी गयी है.
बाढ़ पीड़ितों ने प्रखंड कार्यालय का किया घेराव : बाढ़ राहत सामग्री नहीं मिलने पर लोगों ने बुधवार को प्रखंड कार्यालय का घेराव किया. आक्रोशितों ने सीओ से पॉलीथिन, राहत सामग्री व मुआवजे की मांग की. दरगाह निवासी विष्णु दास ने कहा कि अभी तक राहत राशि नहीं उपलब्ध करायी गयी.
इधर, प्रखंड की प्रमुख नदी बागमती के जलस्तर में कमी से आंशिक सुधार हुआ है. लेकिन पीड़ितों के लिए बाढ़ अभिशाप बन गयी है. बकुची निवासी अशोक साह का घर बाढ़ के पानी के तेज बहाव से मुख्य गेट पर लगभग 20 फीट गड्ढा हो गया.
नवादा निवासी रामवृक्ष प्रसाद का हाल भी कुछ इसी प्रकार है. कर्ज लेकर पांच लाख रुपये की लागत से घर का निर्माण कराया था. अभी चुकता भी नहीं हो पाया कि घर ध्वस्त हो गया.
बाढ़ से घर का नींव हिल गया है.
नवादा निवासी बिहारी दास का घर भी बाढ़ के पानी में ध्वस्त हो गया. घर की महिलाओं का कहना है कि मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं, अब कैसे होगा घरों का निर्माण.
इसी तरह दर्जनों लोग गृह विहीन होकर मदद की आश में है. भवानीपुर निवासी पूर्व सांसद प्रत्याशी नागेश्वर यादव, नवादा निवासी समाजसेवी नेता श्री प्रकाश आदि का कहना है कि क्षतिग्रस्त मकान को दोबारा निर्माण की मांग सरकार से की जायेगी .