पीएम मोदी ने कश्मीर की जनता का छीना हक”

मुजफ्फरपुर : धारा 370 व 35 कश्मीर के आम जनता की स्वायतता व उनके नागरिक अधिकारों की संवैधानिक व्यवस्था है. मोदी सरकार ने जनता से यह हक जबरदस्ती छीनकर न केवल वहां की आम जनता के साथ अपितु संविधान के साथ भी धोखाधड़ी की है. वहां सेना के बल पर जनता की आवाज को दबाने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 16, 2019 7:56 AM

मुजफ्फरपुर : धारा 370 व 35 कश्मीर के आम जनता की स्वायतता व उनके नागरिक अधिकारों की संवैधानिक व्यवस्था है. मोदी सरकार ने जनता से यह हक जबरदस्ती छीनकर न केवल वहां की आम जनता के साथ अपितु संविधान के साथ भी धोखाधड़ी की है. वहां सेना के बल पर जनता की आवाज को दबाने का गैर जनतांत्रिक रवैया अपनाया गया है.

यह बातें सीपीआइ (एमएल) के राज्य सचिव मंडल के नंद किशोर सिंह ने कही. वे रविवार को मिठनपुरा के चंद्रशेखर भवन में एमसीपीआइ (यू), सीपीआइ (एमएल), सीपीआइ और सीपीआइ (एम) के संयुक्त तत्वावधान में धारा 370-35 ए और भारत सरकार की नियत विषय पर आयोजित जनसंवाद को संबाेधित कर रहे थे. जिसमें सीपीआइ (एम) के रामश्रय प्रसाद सिंह ने धारा 370 व 35 ए की विस्तार से संवैधानिक व्याख्या करते हुए बताया कि इसे हटाना सरकार का हिटलरी फैसला है.
एमसीपीआइ (यू) के अनुभव दास शास्त्री ने कहा कि इसे हटाने के पीछे सरकार की मंशा कश्मीर की जमीन को वहां की जनता से छिनकर कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की है. सीपीआइ के राज्य परिषद के सदस्य चंदेश्वर प्रसाद चौधरी ने कहा कि इस विषय को जनता तक ले जाने व सरकार की इन धारा संबंधित गलत नियत को रखने की जरूरत है.
गोष्ठी की अध्यक्षता राम किशोर झा, अब्दुल गफ्फार, उदय चौधरी, चंद्रमोहन प्रसाद ने की. विषय प्रवेश प्रो अवधेश प्रसाद ने कराया. मौके पर प्रो कृष्णनंदन सिंह, प्रो भारती सिन्हा, सुनील कुमार ठाकुर, अजिमुल्लाह अंसारी सहित अन्य ने अपने विचार रखे. बिहार राज्य जनवादी मोर्चा की ओर से जनवादी गीत प्रस्तुत की गयी.
मौके पर डॉ रविंद्र कुमार रवि, इंदु देवी, बिंदु देवी, इंदु सिंह, विनोद कुमार, उदय चौधरी, चंद्रमोहन प्रसाद, राजू कुमार, रूपा कुमारी, मुस्कान कुमारी, चंद्रभूषण तिवारी आदि मौजूद थे.