12 भर सोना व 1.36 लाख रुपये लेकर युवती गायब

मुजफ्फरपुर : ब्रह्मपुरा इलाके की एक युवती घर से नकदी व जेवरात लेकर गायब हो गयी है. वह मिठनपुरा स्थित कॉलेज व कोचिंग जाने के लिए निकली थी. उसके पिता ने थाने में नौकरी का झांसा देकर बेटी का अपहरण कर लेने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसमें दामोदरपुर निवासी शिक्षक जितेंद्र […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 31, 2019 12:57 AM

मुजफ्फरपुर : ब्रह्मपुरा इलाके की एक युवती घर से नकदी व जेवरात लेकर गायब हो गयी है. वह मिठनपुरा स्थित कॉलेज व कोचिंग जाने के लिए निकली थी. उसके पिता ने थाने में नौकरी का झांसा देकर बेटी का अपहरण कर लेने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसमें दामोदरपुर निवासी शिक्षक जितेंद्र कुमार को आरोपित किया है. बताया है कि उनकी बेटी इंटरमीडिएट द्वितीय वर्ष की छात्रा है. 23 दिसंबर को वह कॉलेज व कोचिंग जाने की बात कह कर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वह वापस नहीं लौटी. परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ था.

घर में छानबीन करने पर पता चला कि युवती घर में रखा 12 भर सोना, आठ भर चांदी, एक लाख 36 हजार रुपये नकद, शैक्षणिक कागजात आदि सामान लेकर गायब है. आरोपित शिक्षक पहले से उनके घर में आकर बच्चों को पढ़ाता था. पिता को आशंका है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनकी बेटी का अपहरण किया गया है. परिजनों को उसकी चिंता सता रही है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.
लूट के 11 माह बाद आरोपित गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर. अहियापुर पुलिस ने लूट के 11 माह के बाद मोबाइल सर्विलांस के आधार पर गिरोह का पर्दाफाश किया और गिरोह के एक सदस्य कर्ण कुमार को बैरिया से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दी.
अनुसंधान प्रभारी बानेश्वर किस्कू ने बताया कि 24 जनवरी की शाम करीब साढ़े आठ बजे संगमघाट के पास से मीनापुर के विक्रम कुमार से आठ अपराधियों ने पिस्टल के बल पर बाइक, मोबाइल व अन्य सामान की लूट कर लिया था. विक्रम ने अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
मोबाइल सर्विलांस से लूट का हुआ उद्भेदन : अनुसंधानक ने बताया कि मोबाइल के इएमआई नंबर को सर्विलांस पर रखा गया था. इसमें मोबाइल को कोई लड़की यूज कर रही थी. लड़की से बात करने पर उसने कर्ण कुमार से मोबाइल खरीदने की बात बतायी. इसके बाद कर्ण कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की गयी. पूछताछ में उसने लूट में सामिल सभी अपराधियों के नाम बताये. इसके बाद सभी अपराधियों को चिह्नित कर छापेमारी की गयी. सभी संदिग्ध आरोपी फरार हो गये.