भौगोलिक सूचना तंत्र उपयोगी : यूसी

मुजफ्फरपुर: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआइटीटीटीआर) कोलकाता के विभागाध्यक्ष डॉ यूसी कुमार ने कहा है कि आपदा प्रबंधन में सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना तंत्र का उपयोग विगत कुछ वर्षो से उल्लेखनीय साबित हो रहा है. ... वे राजकीय महिला पॉलिटेक्निक मुजफ्फरपुर में ग्रामीण आपदा प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 29, 2014 6:15 AM

मुजफ्फरपुर: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआइटीटीटीआर) कोलकाता के विभागाध्यक्ष डॉ यूसी कुमार ने कहा है कि आपदा प्रबंधन में सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना तंत्र का उपयोग विगत कुछ वर्षो से उल्लेखनीय साबित हो रहा है.

वे राजकीय महिला पॉलिटेक्निक मुजफ्फरपुर में ग्रामीण आपदा प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर बोल रहे थे. दो सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण के समापन समारोह में उन्होंने यह भी कहा कि दूरसंवेद तकनीक से परिवर्तनशील प्रकृति के स्वरूप एवं उसके प्रभाव का सही आकलन कर पाना संभव होता है.

प्रशिक्षण के दौरान अग्नि, भूकंप, बाढ़, भगदड़, ओलावृष्टि आदि से किस तरह बचाव के संबंध में जानकारी दी गयी. समापन अवसर पर एमआइटी के प्राचार्य डॉ एके नाथानी, यूपी गाजीपुर के रिटायर्ड सीएमओ डॉ प्रकाश किशोर सिंह, एमआइटी के प्राध्यापक डॉ अमरेश कुमार राय, महिला सामाख्या की पूनम कुमारी, स्टेट बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक चंद्रशेखर सिंह, राजकीय पॉलिटेक्निक के प्राचार्य अंजनी कुमार मिश्र कार्यक्रम का संचालन अंशुमान और धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्या डॉ सुमंगला झा ने किया. मौके पर वेद प्रकाश शर्मा आदि मौजूद थे. प्रशिक्षण में कुल 115 प्रतिभागियों ने भाग लिया.