जाति नहीं, अब मेरिट पर मिलेगा विवि का हॉस्टल

मुजफ्फरपुर: विवि पीजी हॉस्टल व एलएस कॉलेज डय़ूक हॉस्टल में अब जाति के आधार पर छात्रों को हॉस्टल में नामांकन नहीं मिलेगा. इसके लिए मेरिट को आधार बनाया जायेगा. इसे सुनिश्चित करने के लिए हॉस्टल एलॉटमेंट कमेटी में जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रू प में टाउन डीएसपी व एसडीओ पूर्वी भी शामिल रहेंगे. कमेटी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर: विवि पीजी हॉस्टल व एलएस कॉलेज डय़ूक हॉस्टल में अब जाति के आधार पर छात्रों को हॉस्टल में नामांकन नहीं मिलेगा. इसके लिए मेरिट को आधार बनाया जायेगा. इसे सुनिश्चित करने के लिए हॉस्टल एलॉटमेंट कमेटी में जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रू प में टाउन डीएसपी व एसडीओ पूर्वी भी शामिल रहेंगे. कमेटी में विवि के उन सीनियर छात्रों, जो नेट, गेट, स्लेट, जेआरएफ, आइसीएचआर जैसी परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं, को भी शामिल किया जायेगा.
सोमवार को विवि गेस्ट हाउस में विवि अधिकारियों व एलएस कॉलेज प्राचार्य के साथ हुई बैठक में यह निर्देश जिलाधिकारी अनुपम कुमार ने दिया. नौ जनवरी को विवि में चंदा को लेकर हुए संघर्ष व समाहरणालय में छात्रों के उत्पात के बाद वे कैंपस पहुंचे थे. उनके साथ एसएसपी रंजीत कुमार मिश्र, टाउन डीएसपी अनिल कुमार सिंह सहित जिला व पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी भी मौजूद थे. सभी अधिकारी करीब चार घंटे तक कैंपस में रहे. इस दौरान उन्होंने बारी-बारी से ठक्कर बप्पा, डय़ूक व पीजी हॉस्टल के छात्रों से मुलाकात की व उनकी बातें भी सुनी. हॉस्टल के बीच शांति व सौहार्द कायम करने के लिए शांति समिति के गठन का फैसला भी लिया गया.
इधर, ठक्कर बप्पा हॉस्टल के पास सुरक्षा के दृष्टिकोण से दंगा निरोधी दस्ता के दस जवानों को तैनात कर दिया गया है. ये 24 घंटे वहां गश्त करेंगे. 11 जनवरी को ठक्कर बप्पा के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने पटना में मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से मुलाकात की थी. इस दौरान हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाये गये थे.
नाका के लिए जगह दे एलएल कॉलेज प्रबंधन
एलएस कॉलेज आर्ट्स ब्लॉक की ओर से चहारदीवारी नहीं होने के कारण डय़ूक हॉस्टल की सुरक्षा पर भी सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में जिला प्रशासन ने वहां पुलिस नाका खोलने का फैसला लिया है. इसके लिए प्राचार्य डॉ अमरेंद्र नारायण यादव को जगह चिह्न्ति कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश भी दिया गया. प्राचार्य की मानें तो इसके लिए डय़ूक हॉस्टल के पूर्वी भाग में स्थित अधीक्षक कक्ष को नाका के लिए आवंटित किया जा सकता है. फिलहाल सुरक्षा कारणों से इसके बाहरी गेट को दीवार खड़ी कर बंद कर दिया गया है. अब जल्द ही उसे दोबारा खोल दिया जायेगा. एलएस कॉलेज में पुलिस नाका खोलने का प्रस्ताव काफी पुराना है.
विवि में जातीय गुटबंदी खतरनाक है. विवि प्रबंधन को जाति के आधार पर हॉस्टल में नामांकन की प्रक्रिया बंद करने को कहा गया है. इसके अलावा भी कैंपस में शांति कायम रखने के लिए कई सुझाव दिये गये हैं. सभी हॉस्टल के छात्रों से भी बातचीत हुई है. उन्होंने चंदा न वसूलने का आश्वासन दिया है. छात्रों को यह समझना होगा, एक बार एफआइआर में नाम दर्ज हो जाने पर उनका पूरा कैरियर बरबाद हो जायेगा.
अनुपम कुमार, डीएम
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