मुजफ्फरपुर. भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती पर पताही स्थित डॉ श्यामजी सुमांती मिश्र पुस्तकालय में सेमिनार सह कवि सम्मेलन आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रमेश कुमार मिश्र पे्रमी ने कहा कि आजादी के आंदोलन में सरोजिनी नायडू हमेशा आगे रहीं व गांधी जी के कदम से कदम मिला कर चलती रहीं. शिक्षाविद् डॉ श्यामजी मिश्र ने कहा कि सरोजिनी नायडू बचपन से ही अत्यंत मधुर स्वर में कविता पाठ करती थीं. कवयित्री शुभ्रा सौम्या ने कहा कि सरोजिनी नायडू का पहला कविता संग्रह 1905 में प्रकाशित हुआ था. इस मौके पर मनोज कुमार मिश्र, राकेश कुमार मिश्र, विजय शाही सहित कई लोगों ने विचार व्यक्त किये. इसके बाद कविता पाठ किया गया.
याद की गयीं भारत कोकिला सरोजिनी नायडू
मुजफ्फरपुर. भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती पर पताही स्थित डॉ श्यामजी सुमांती मिश्र पुस्तकालय में सेमिनार सह कवि सम्मेलन आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रमेश कुमार मिश्र पे्रमी ने कहा कि आजादी के आंदोलन में सरोजिनी नायडू हमेशा आगे रहीं व गांधी जी के कदम से कदम मिला कर चलती रहीं. […]
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