पारू. प्रखंड क्षेत्र के बसंतपुर निवासी राकेश कुमार पांडेय ने अपने गुरु को मुखाग्नि व श्राद्धकर्म कर समाज में गुरु-शिष्य परंपरा की अनूठा मिसाल पेश किया है. दरअसल राकेश पांडेय के गुरु शास्त्रीय गायक राम सिंह का निधन तीन फरवरी को मोतिहारी जिले के रघुनाथपुर गांव में हो गया. जहां उनके शिष्य राकेश पांडेय ने मुखाग्नि दी. रविवार को उन्होंने श्राद्धकर्म किया. इस मौके पर राम सिंह के शिष्यों ने शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम की प्रस्तुति दी. इसमें मोतिहारी की गायिका सुष्मिता, विकास, पवन ने गीत प्रस्तुत किये. जबकि तबला वादक इंजीनियर मुकेश कुमार व राम सोगारथ दास ने बांसुरी पर संगत दी.अध्यक्षता कवि भवचंद्र पांडेय व संचालन संजय पांडेय ने की. राकेश पांडेय ने बताया कि उस्ताद राम सिंह का जन्म राजस्थान में हुआ था. बाद में उनके पिता महाराष्ट्र के पुणे में आकर बस गये. यहां पर उन्होंने संगीत की तालिम उस्ताद अमीर खां व लता मंगेश्क र से ली. संगीत की दिक्षा लेने के बाद उस्ताद राम सिंह पटना वीमेंस कॉलेज में संगीत के प्रोफेसर रूप में अपनी सेवाएं दी. बिहार में रहते हुए उन्होंने उत्तर बिहार जिलों में घूम-घूमकर सैकड़ों लोगों को शास्त्रीय संगीत की शिक्षा दी.
गुरु का श्राद्धकर्म कर गुरु-शिष्य परंपरा को किया पुनरजीवित
पारू. प्रखंड क्षेत्र के बसंतपुर निवासी राकेश कुमार पांडेय ने अपने गुरु को मुखाग्नि व श्राद्धकर्म कर समाज में गुरु-शिष्य परंपरा की अनूठा मिसाल पेश किया है. दरअसल राकेश पांडेय के गुरु शास्त्रीय गायक राम सिंह का निधन तीन फरवरी को मोतिहारी जिले के रघुनाथपुर गांव में हो गया. जहां उनके शिष्य राकेश पांडेय ने […]
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