विभिन्न करों के बदले अब चुकाना होगा केवल वस्तु व सेवा कर

मुजफ्फरपुर: व्यवसायियों को अब केंद्रीय व राज्य सरकार को अलग-अलग कर नहीं देना होगा. अबतक व्यवसायी विभिन्न अधिनियमों के तहत केंद्र व राज्य सरकार को करीब आधा दर्जन मदों में टैक्स चुकाते थे. लेकिन 2016 से उनको वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के मद में राज्य व केंद्र सरकार को कर देना होगा. इसके लिए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 19, 2015 6:54 AM
मुजफ्फरपुर: व्यवसायियों को अब केंद्रीय व राज्य सरकार को अलग-अलग कर नहीं देना होगा. अबतक व्यवसायी विभिन्न अधिनियमों के तहत केंद्र व राज्य सरकार को करीब आधा दर्जन मदों में टैक्स चुकाते थे. लेकिन 2016 से उनको वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के मद में राज्य व केंद्र सरकार को कर देना होगा. इसके लिए वेब पोर्टल व फॉर्म भी एक ही होगा.
व्यवसायी ऑन लाइन कर का भुगतान करेंगे. वस्तु व सेवा कर लागू होने के बाद कारोबारियों को सेल टैक्स, इंट्री टैक्स, स्पेशल एक्साइज, कस्टम, सेवा कर जैसे करों को नहीं चुकाना होगा. यह जानकारी बुधवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में आयोजित सेमिनार में सेल टैक्स के अधिकारियों ने शहर के व्यवसायियों को दी.
अब नहीं देना होगा टैक्स पर टैक्स
जीएसटी के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सेल टैक्स के पश्चिमी अंचल प्रभारी सुजय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि पहले परंपरागत रूप से टैक्स देना पड़ता था. उसके बाद वैट आया. इसमें भी टैक्स पर टैक्स देना होता था. लेकिन जीएसटी में इन सभी से मुक्ति मिलेगी. अभी राज्य के बाहर से आने वाले सामान पर जो टैक्स उस राज्य में लिया जाता है, उस टैक्स को यहां के बिक्री कर में नहीं घटाया जाता. लेकिन जीएसटी में इनपुट टैक्स की व्यवस्था है. इससे व्यवसायियों को टैक्स में सुविधा होगी. व्यवसायी को अब केंद्र सरकार व राज्य सरकार को जीएसटी देना होगा.