गायघाट. केवटसा ब्रह्म स्थान पर चल रहे भागवत ज्ञान कथा महायज्ञ के अंतिम दिन रविवार को बाल व्यास ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि मुसीबत में ही मित्र की पहचान होती है. बाल व्यास ने कृष्ण व सुदामा की मित्रता की चर्चा की. प्रभु से बढ़कर सच्चा साथी कोई नहीं है. क्योंकि संसार जिसे ठुकरा देता है, ठाकुर उसे प्रश्रय देते हैं. बाल व्यास ने कहा कि इस भौतिक चकाचौंध की दुनिया में सुखी वहीं है, जिसने प्रभु का आश्रय ले लिया. बाल व्यास ने कहा कि प्रभु ने गोपाल रूप धारण कर गौ की सेवा की. इसलिए गौ की सेवा व सुरक्षा कर ही जीवन का परम आनंद प्राप्त किया जा सकता है. अंत में बाल व्यास ने श्रोताओं से निवेदन किया कि जीव मात्र की सेवा, राष्ट्रभक्ति, प्रभु प्रेम व श्रेष्ठ जनों की सेवा ही श्रीमद्भागवत का प्रमुख उद्देश्य है.वार्ड संघ की बैठक…..कंपाइल गायघाट. प्रखंड के कर्पूरी स्मृति भवन में वार्ड संघ की बैठक प्रखंड अध्यक्ष नागेंद्र राय की अध्यक्षता में हुई. बैठक में स्थानीय निकाय विधान परिषद् में वार्ड सदस्य को ही प्रत्याशी बनाने का निर्णय लेते हुए रामनरेश राय के पक्ष में एकजुटता दिखाने का संकल्प लिया. मौके पर केदार प्रसाद सिंह, अवधेश सिंह, राजनंदन राय, कृष्ण नंदन कुमार आदि मौजूद थे.
श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण-सुदामा प्रसंग सुन अभिभूत हुए श्रद्धालु
गायघाट. केवटसा ब्रह्म स्थान पर चल रहे भागवत ज्ञान कथा महायज्ञ के अंतिम दिन रविवार को बाल व्यास ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि मुसीबत में ही मित्र की पहचान होती है. बाल व्यास ने कृष्ण व सुदामा की मित्रता की चर्चा की. प्रभु से बढ़कर सच्चा साथी कोई नहीं है. क्योंकि संसार जिसे ठुकरा देता […]
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