वेतन सत्यापन के फैसले से विवि के 150 कर्मियों पर संकट!

फोटो :: विवि का लोगो- राज्य सरकार ने मांगी नियुक्ति से संबंधित सूचनाएं- कई कॉलेजों में सृजित पद भरे होने के बाद भी कर दी गयी थी नियुक्ति- अक्तूबर 1995 के बाद हुई है सभी बहाली संवाददाता, मुजफ्फरपुरराज्य सरकार ने शिक्षकों के बाद अब सूबे के तमाम विश्वविद्यालयों व उसके अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकेत्तर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

फोटो :: विवि का लोगो- राज्य सरकार ने मांगी नियुक्ति से संबंधित सूचनाएं- कई कॉलेजों में सृजित पद भरे होने के बाद भी कर दी गयी थी नियुक्ति- अक्तूबर 1995 के बाद हुई है सभी बहाली संवाददाता, मुजफ्फरपुरराज्य सरकार ने शिक्षकों के बाद अब सूबे के तमाम विश्वविद्यालयों व उसके अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के वेतन सत्यापन का फैसला लिया है. इससे बीआरए बिहार विवि के डेढ़ सौ से अधिक शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद उत्पन्न हो सकता है. ये वो कर्मचारी हैं, जिनकी नियुक्ति अक्तूबर 1995 के बाद अनुकंपा के आधार पर हुई है. दरअसल, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने कर्मचारियों के वेतन सत्यापन के संबंध में जो पत्र विवि को भेजा है, उसमें विविध जानकारियां भी मांगी है. जैसे कर्मी की नियुक्ति कब हुई, नियुक्ति का आधार क्या था, प्रक्रिया क्या थी, नियुक्ति के समय पे-स्केल क्या था, नियुक्ति सृजित पद पर की गयी है अथवा नहीं आदि. विवि में 1995 के बाद अनुकंपा के आधार पर बहाल अधिकांश कर्मियों की नियुक्ति कॉलेजों में बिना सृजित पद देखे कर दिया गया. इस दौरान कई कॉलेजों में सृजित पद भरे रहने के बावजूद अनुकंपा पर नयी बहाली कर दी गयी. हालांकि फिलहाल कॉलेज में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति या निधन हो जाने के कारण अधिकांश का सामंजन हो चुका है. लेकिन अब सरकार ने नियुक्ति के समय सृजित पद व कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है. इससे मामला फंस सकता है. कुलसचिव डॉ विवेकानंद शुक्ला ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों के वेतन सत्यापन से संबंधित पत्र भेजा है. इसके आलोक में जल्द पहल की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >