मुजफ्फरपुर : नवरुणा हत्याकांड की तेरह माह से जांच कर रहे आइओ आरपी पांडेय ने ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है. उनके अचानक वीआरएस लेने से तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं. फरवरी 2014 से पूरे केस के जांच कर रहे आरपी पांडेय ने नवरुणा कांड को काफी हद तक सुलझा लिया था. एक माह पूर्व वह खुद अतुल्य चक्रवती के घर पहुंचे थे. उन्होंने जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा किया था. भूमि माफिया के कोण पर सीबीआइ पूरे मामले की जांच कर रही थी.
31 मार्च को उनके ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेने से जांच प्रभावित होने की भी संभावना बन गयी है. यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने किसी के दबाव में तो वीआरएस नहीं ले लिया. एक माह पूर्व तक जल्द केस सुलझा लेने का दावा करने वाले अधिकारी को अचानक क्या हुआ, जिससे वह वीआरएस लेने को तैयार हो गये.
सीबीआइ के अधिकारी रौनक कुमार को नवरुणा कांड का नया अनुसंधानक बनाया गया है. नया आइओ बनने के बाद वह एसपी राजीव रंजन के साथ गुरुवार को जवाहर लाल रोड स्थित अतुल्य चक्रवर्ती के घर भी पहुंचे थे. पूरे केस को स्टडी करने के बाद उन्होंने नवरुणा कांड की जांच नये सिरे से आरंभ कर दी है.