मैट्रिक पास करने के बाद उसने 2006 में मीनापुर में पहली घटना को अंजाम दिया था. छपरा के राज किशोर सिंह उच्च विद्यालय में अपने सहयोगी मारुति नंदन राय, राजीव कुमार, रवि व अजय राय के साथ मिल कर स्कूल में वर्चस्व की लड़ाई में बम चलाया था. मीनापुर से ही उसे जेल भेजा गया था. जेल से निकलने के बाद वह अपराध की दुनिया में बढ़ता ही चला गया. 2011 में आर्म्स एक्ट के मामले में वह रुनीसैदपुर से जेल गया था. इसी दौरान जुगनू से उसकी मुलाकात हुई थी. इसी साल फरवरी माह में भी उसने खनुआ खाट स्थित विजय चौधरी से दुकान पर जाकर दो लाख रंगदारी की मांग की थी. पैसा नहीं पहुंचाने पर बीस लाख रुपया पहुंचाने को कहा गया. पैसा नहीं देने पर गोली मारने की धमकी भी दी थी.
अजीत की संपत्ति की होगी जांच
मुजफ्फरपुर: पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर अजीत राय एक दशक से अपराध जगत में सक्रिय है. सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण सहित कई जिलों में वह दर्जनों वारदात को अंजाम दे चुका है. 25 वर्ष का अजीत पंद्रह साल की उम्र से ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था. मैट्रिक पास करने के बाद […]
मुजफ्फरपुर: पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर अजीत राय एक दशक से अपराध जगत में सक्रिय है. सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण सहित कई जिलों में वह दर्जनों वारदात को अंजाम दे चुका है. 25 वर्ष का अजीत पंद्रह साल की उम्र से ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था.
आजाद हिंद फौज के नाम से मांगी रंगदारी
अजीत ने स्वीकार किया है कि जनवरी माह में उसने विलंदपुर के कामेश्वर यादव उर्फ गोपाल जी से फोन कर आजाद हिंद फौज के नाम पर पांच लाख रंगदारी मांगी थी. संगठन का नाम इसलिए लिया था कि उस पर पुलिस का शक नहीं हो. अक्सर फर्जी सिम का प्रयोग करके उसे तोड़ कर फेंक देता.
संपत्ति की होगी जांच
अजीत ने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि पार्टनर शिप में उसकी पांच-छह बसे चलती है. 22 से 23 बीघा उसकी जमीन भी है. उसके अन्य भी संपत्ति का पता लगाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही कि उसने अपराध जगत से ही अवैध संपत्ति अजिर्त की है. अगर जांच में मामला आया तो उसकी संपत्ति जब्त करने की कवायद शुरू की जायेगी.
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