महासचिव पर हमले के बाद गुटों में बंटे अधिवक्ता
मुजफ्फरपुर जिला बार एसोसिएशन के मतगणना के बाद महासचिव पद पर सचिदानंद सिंह के दोबारा चुन लिये जाने की बाद उन पर हमला बोला गया. इस मामले को लेकर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई. जिसको लेकर अधिवक्ता दो गुट में बंट गये. कानून के रक्षा करने वाले अधिवक्ता ही आपस में उलझ गये […]
मुजफ्फरपुर जिला बार एसोसिएशन के मतगणना के बाद महासचिव पद पर सचिदानंद सिंह के दोबारा चुन लिये जाने की बाद उन पर हमला बोला गया. इस मामले को लेकर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई. जिसको लेकर अधिवक्ता दो गुट में बंट गये. कानून के रक्षा करने वाले अधिवक्ता ही आपस में उलझ गये है. एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है. महासचिव द्वारा कराये गये प्राथमिकी को लेकर अधिवक्ताओं की एक टीम ने मंगलवार को एसएसपी से मिलकर हमले को बनावटी बताया. संतोष कुमार को फंसाने की साजिश है. हालांकि नव निर्वाचित अध्यक्ष नवल किशोर सिन्हा ने बताया कि एक दो रोज में मामला को सुलझा लिया जायेगा. चुनाव के बाद कभी कभी इस तरह की घटनाएं हो जाती है. जिसे समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है. जबकि दूसरी ओर महासचिव पद के उम्मीदवार रहे अधिवक्ता प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी जो कचहरी का माहौल बन गया है इसमें अधिवक्ताओं की इज्जत बचाना मुश्किल है. उन्होंने बताया कि महासचिव पर हमले के मामले में जो बाते आ रही है उसे झूठी घटना बताया जा रहा है. इस स्थिति में थाने में केस नहीं होना चाहिए. यदि घटना सही भी है तो इसे अधिवक्ताओं के बीच ही रखा जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों पक्ष आपस में मिलजुलकर इसे सुलझा लेंगे. जबकि महासचिव सचिदानंद सिंह ने बताया कि उन पर हमला किया गया. इसलिए प्राथमिकी दर्ज कराई गई. इस बात को एसोसिएशन के बीच रखना चाहिए. मेरे अलावा बहुत सारे वरीय अधिवक्ता है उनके समक्ष बात रखनी चाहिए थी. हमला करना उचित नहीं था वैसे उनका अपना निर्णय था. एसोसिएशन में मामला आने पर उसे देखा जायेगा.