भूजा-सत्तू खाकर दिन गुजारा सरमस्तपुर के लोगों ने

सकरा: पलटे एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव का असर सरमस्तपुर में बुधवार को देखने को मिल रहा था. बाजार बंद थे, चाय-नाश्ते की दुकानों पर आम दिनों में भीड़ लगती थी, लेकिन बुधवार को वीरान थीं. लोगों की नजर दिन पर उस स्थान पर रही, जहां पर टैंकर पलटा था. दिन में गांव के घरों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
सकरा: पलटे एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव का असर सरमस्तपुर में बुधवार को देखने को मिल रहा था. बाजार बंद थे, चाय-नाश्ते की दुकानों पर आम दिनों में भीड़ लगती थी, लेकिन बुधवार को वीरान थीं. लोगों की नजर दिन पर उस स्थान पर रही, जहां पर टैंकर पलटा था. दिन में गांव के घरों में चूल्हे नहीं जले.

लोगों ने भूजा व सत्तू खाकर दिन काटा. किसी अनहोनी की आशंका से परेशान लोग लगातार ये जानने की कोशिश कर रहे थे कि कब टैंकर से गैस निकालने का काम शुरू होगा. देर शाम जब गैस निकाली जाने लगी, तो लोगों ने राहत की सांस ली. सरमस्तपुर के ग्रामीणों में मंगलवार के ज्यादा बुधवार को दहशत व परेशानी दिखी. साथ ही इन लोगों में नारजगी भी थी. इनका कहना था कि ग्रामीण इलाके की घटना होने के कारण बचाव काम में देरी हो रही है. अगर किसी शहर में ऐसी घटना होती, तो जल्दी ही लोगों की परेशानी को दूर कर दिया जाता.

सत्तू-भूजा खाकर लोग कर रहे गुजारा . दूसरी तरफ टैंकर पलटने के बाद गैस रिसाव के कारण मंगलवार सुबह से ही सरमस्तपुर गांव में मंगलवार की सुबह से ही चूल्हा नहीं जला है. ग्रामीण सत्तू-भुजा खाकर गुजारा करने पर मजबूर हैं. 40 घंटे बीतने के बाद भी टैंकर नहीं हटाने पर लोगों में गुस्सा भी है. ग्रामीण राम प्रसाद ने बताया कि उनके घर चूल्हा नहीं जल रहा है, पूरा गांव दहशत में है. फिर भी प्रशासन उदासीन है.
अपने दरवाजे पर बच्चों व महिलाओं के साथ बैठी सीता देवी ने कहा कि खाना नहीं बन रहा है. रात को बच्चों को लेकर पड़ोस के गांव चली गई थी, सुबह घर वापस आई है कि अब मामला ठीक हो गया होगा, लेकिन अभी भी मामला जस का तस बना हुआ है. फिर से लोग बच्चों के साथ पड़ोस के गांव जाने की तैयारी में हैं. गांव की राधिका देवी, सोबराहन खातून, आसमा खातून सब की एक ही पीड़ा है. एनएच 28 पर जाम में फंसे पंजाब के ट्रक चालक सरदार अमरिंदर सिंह ने कहा कि इतने लंबे समय से यहां बैठे-बैठे मन थक चुका है. वाहन बड़ा होने के कारण वह संपर्क सड़क से भी नहीं निकल सकते. यहां ढंग का खाना भी नहीं मिल पा रहा है.
नहीं खुलीं चाय-नाश्ते की दुकानें
सरमस्तपुर चौक स्थित आस-पास की दुकानें बंद थी. खास तौर पर चाय-नास्ते की दुकानों पर सन्नाटा था. मौके पर फायर ब्रिगेड के साथ दंडाधिकारी व एक्सक्लूसिव मीटर लेकर सेफ्टी मैकेनिक कैंप भी कैंप कर रहे थे. सेफ्टी मैकेनिक लगातार मीटर से गैस रिसाव का आकलन कर रहे हैं. दिन में उन्होंने कहा कि एक प्रतिशत गैस का रिसाव हो रहा है. टैंकर में अब भी सत्रह हजार लीटर गैस मौजूद है. एनएच पर वाहनों की रोक की वजह से लंबी कतार लग गयी थी. छोटे वाहनों को सड़क से होकर निकाला जा रहा था.
नहीं मिला मास्क
मौके पर दंडाधिकारी की नियुक्ति की गयी थी, जिन्हें इस बात का गुस्सा था कि 36 घंटे से ज्यादा हो गये हैं. दंडाधिकारी ने प्रशासन पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद प्रशासन द्वारा गैस मास्क उपकरण अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है. जबकि गैस का असर काफी खतरनाक है. इसके सांस के द्वारा शरीर में प्रवेश होने पर लोग लकवा ग्रस्त हो सकते हैं, बावजूद इसके यहां कैंप कर रहे हैं.
घटना को ले उत्सुक भी थे लोग
प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों को आने से रोकने में पुलिस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. रोक के बावजूद भी स्थानीय लोग टैंकर को नजदीक से देखना चाह रहे थे. तंग आकर बीडीओ ने प्रवेश करने पर प्राथमिकी की बात कही, तब जाकर लोगों का आगमन कम हुआ.
एनएच-28 पर आवगमन प्रतिबंधित
सकरा. सरमस्तपुर गांव के निकट एनएच 28 के किनारे पलटे गैस टैंकर से गैस रिसाव के कारण एनएच पर मौके के निकट से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था. बीडीओ कुमुद शर्मा ने बताया कि गैस रिसाव के चलते किसी अनहोनी की आशंका के कारण वाहनों का आवागमन रोका गया है.
बंद रहे स्कूल
सरमस्तपुर के पास डीपीएस व प्राथमिक स्कूल को गैस रिसाव के कारण बुधवार को बंद रखा गया. प्रशासन की ओर से मंगलवार को ही स्कूल बंद करने को लेकर निर्देश जारी किया गया था.
फोटो खींचने से रोका
जिस स्थान पर टैंकर से गैस रिसाव हो रहा था. बुधवार को अधिकारियों ने वहां फोटोग्राफी से मना किया. इनका कहना था कि फोटो क्लिक करने के दौरान स्पार्किग से आग लग सकती है.
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