जनसंख्या बढ़ने के साथ शहर का बढ़ा दायरा .... पृथ्वी दिवस

– पहली बार 2002 में हुआ निगम पार्षद का चुनाव – 2016 में होनेवाली चुनाव से पहले 20-25 वार्ड बढ़ने की है उम्मीदेंमुजफ्फरपुर. जनसंख्या में वृद्धि होने के साथ शहर का दायरा तो बढ़ा है, लेकिन लोगों को मिलने वाली नगरीय सुविधा नदारद है. वर्ष 1973 में नगर-निगम क्षेत्र की जनसंख्या 1.80 लाख था. उस […]

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– पहली बार 2002 में हुआ निगम पार्षद का चुनाव – 2016 में होनेवाली चुनाव से पहले 20-25 वार्ड बढ़ने की है उम्मीदेंमुजफ्फरपुर. जनसंख्या में वृद्धि होने के साथ शहर का दायरा तो बढ़ा है, लेकिन लोगों को मिलने वाली नगरीय सुविधा नदारद है. वर्ष 1973 में नगर-निगम क्षेत्र की जनसंख्या 1.80 लाख था. उस वक्त निगम क्षेत्र में पड़ने वाले शहरी इलाका को 22 वार्ड में बांटा गया था. 2002 में पहली बार नगर-निकाय का चुनाव हुआ. उस वक्त शहर की जनसंख्या बढ़ कर 3.05 लाख हो गयी थी. जनसंख्या बढ़ने के साथ वार्ड की संख्या भी बढ़ा दी गयी. 22 के जगह 38 वार्ड किया गया. इसके बाद वर्ष 2007 में जनसंख्या बढ़ कर 3.51 लाख हुआ, तब 38 से बढ़ा कर 49 वार्ड कर दिया गया. तब से अब तक निगम क्षेत्र में पड़ने वाली शहरी इलाका को 49 वार्ड में ही बांटा गया. हालांकि, 2016 में होनेवाली आगामी वार्ड पार्षद के चुनाव से पहले निगम का दायरा बढ़ सकता है. शहर से सटे कई पंचायतों को निगम क्षेत्र में शामिल करने की कवायद है. इसमें जीरोमाइल, अहियापुर, भगवानपुर, रामदयालुनगर, खबड़ा समेत शहर से सटे कई महत्वपूर्ण इलाका है. उम्मीद है कि 2016 में होनेवाली चुनाव से पहले 20-25 वार्ड और बढ़ने की उम्मीदें है. हालांकि, यह तब संभव होगा. जब राज्य सरकार के पास भेजे गये शहर के विस्तारीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी.

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