मुजफ्फरपुर: छात्र नेता शमीम खान के हत्या मामले में नामजद अभियुक्त अनिल ओझा और उसकी पत्नी संगीता ओझा की मुसीबत बढ़ गयी है. पुलिस की ओर से इन दोनों के अलावा अन्य अभियुक्तों पर नकेल कसने के बाद अब विवि प्रशासन भी संगीता ओझा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के मूड में है. विवि संगीता ओझा के नाम एग्रीमेंट कम्युनिटी हॉल व ऑडिटोरियम को रद करने की प्रक्रिया में तेजी से लग गया है. हालांकि, इससे संबंधित संचिका विवि में नहीं होने के कारण इसमें काफी परेशानी हो रही है. एग्रीमेंट की प्रक्रिया तत्कालीन वीसी डॉ विमल कुमार व कुलसचिव डॉ एपी मिश्र के द्वारा किया गया था. इन दोनों के खिलाफ निगरानी में कई मुकदमें दर्ज हैं.
इसकी जांच चल रही है. जांच में फंसने के डर से विवि के अधिकारी व कर्मचारी कई संचिका को गायब किये हुए हैं. विवि इस मामले पर आगे की कार्रवाई के लिए राजभवन सह कुलाधिपति सचिवालय से दिशा-निर्देश मांगा है. कुलसचिव डॉ विवेकानंद शुक्ला ने कहा कि संचिका का कोई अता-पता नहीं होने के कारण एग्रीमेंट रद्द करने में दिक्कत हो रही है. हालांकि, इसके लिए राजभवन से पत्र भेज दिशा-निर्देश मांगने की प्रक्रिया जारी है. जल्द ही ठोस फैसला ले लिया जायेगा. जानकारी हो कि एक अगस्त की शाम विवि कैंपस में ही छात्र नेता शमीम खान की हत्या अपराधियों ने गोली मार कर दी थी. इस मामले में खबरा निवासी ठेकदार अनिल ओझा, विवि कर्मी का पुत्र राम कुमार, शिवेन्द्रु, शंभु सिंह के अलावा कई के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई थी.
डीएसपी ने कीअनुशंसा
छात्र नेता शमीम खान के हत्या मामले में दर्ज प्राथमिकी की पर्यवेक्षण रिपोर्ट में डीएसपी ने स्पष्ट लिखा है कि अनिल ओझा अपना ठिकाना विवि का कम्युनिटी हॉल को बना चुका था. वह कहीं भी कोई वारदात कर कम्युनिटी हॉल में ही सुरक्षित रहता था. छात्र नेता की हत्या के पूर्व व बाद में भी साथियों के साथ कम्युनिटी हॉल गया था. जहां से कई आर्म्स भी पुलिस को छापेमारी में मिले थे. डीएसपी ने संगीता ओझा को भी दोषी मानते हुए उसकी गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है. वहीं विवि से एग्रीमेंट को रद करने के लिए थानाध्यक्ष को विवि से आग्रह करने को भी कहा था.