मुजफ्फरपुर: गरमी बढ़ने के साथ शहर में पेयजल की समस्या गहरा गयी है. निगम के पंप धीरे-धीरे जवाब देने लगे हैं. इस बीच नगर निगम वैकल्पिक पंप की व्यवस्था में लगा है. वहीं सालों से जलापूर्ति पंप के टेक व हैंड ओवर को लेकर पीएचइडी व निगम के बीच चल रहे विवाद भी सुलझता दिख रहा है.
बगैर हैंड ओवर के ही नगर निगम ने अब अखाड़ाघाट रोड में सालों पूर्व बनाये गये जलापूर्ति पंप को चालू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे आधा दर्जन से अधिक मोहल्ले के करीब दस हजार की आबादी को पेयजल संकट से मुक्ति मिलेगी.
नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने पीएचइडी को 19 मार्च को कड़ा पत्र लिखने के बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए उसे चालू कराने का निर्देश दिया. इसके बाद पंप को जल कार्य सेक्शन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी ने पिछले सप्ताह चालू कराने की कोशिश की, लेकिन पंप हाउस का फ्लोर धंस जाने के कारण पंप चालू नहीं हो सका. इसके बाद निगम अब स्टीमेट तैयार कर पंप हाउस की मरम्मत की कवायद में लगा है.
मई माह के अंत तक पंप हाउस के फ्लोर की मरम्मत होने के बाद जून में पंप चालू होने की उम्मीद है. राष्ट्रीय सम विकास योजना से बना था पंप हाउस. बूढ़ी गंडक नदी के बांध किनारे के मोहल्लों में पानी की भीषण संकट को देखते हुए पीएचइडी ने वर्ष 2011 में राष्ट्रीय सम विकास योजना से पंप हाउस बनाने की कवायद शुरू की थी. 2012 के अंत तक पंप हाउस का निर्माण हो गया, लेकिन घटिया निर्माण व पंप हाउस में कुछ आवश्यक जरू री उपकरणों को नहीं लगाने के कारण नगर निगम हैंड ओवर से इनकार कर दिया था. इसके बाद हर वर्ष गरमी से पहले हैंड व टेक ओवर की प्रक्रिया शुरू होती है और गरमी समाप्त होने के बाद प्रक्रिया ठंडा बस्ता में डाल दी जाती है.
इन इलाकों का दूर होगा पेयजल संकट
अखाड़ाघाट रोड सब्जी मंडी, बालूघाट, ब्रह्नास्थान, अखाड़ाघाट ढ़ुलानी, जंगली माई स्थान, कृष्णा सिनेमा के साथ-साथ सिकंदरपुर व बालू घाट बांध के आसपास के मोहल्ले में पानी सप्लाइ से पेयजल की समस्या दूर होगी.
पीएचइडी की तरफ से अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इसके कारण लोगों की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. निगम लोगों की परेशानी को देखते हुए तत्काल अखाड़ाघाट पंप हाउस चालू करने का फैसला लिया है. इस पंप हाउस का फ्लोर धंस जाने के कारण इसकी मरम्मत के लिए स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है.
उदय शंकर प्रसाद सिंह, जल कार्य अधीक्षक