बच्चों के अनुकूल बने आपदा प्रबंधन की योजना

फोटो कार्यक्रम की खबर अदिथि प्लान की ओर से आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला शामिल हुए डॉक्टर व आपदा के एक्सपर्ट वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरदिल्ली विस की उपाध्यक्ष वंदना कुमारी ने कहा, दिल्ली की तर्ज पर यहां भी मॉक ड्रिल आपदा के लिए कारगर साबित हो सकती है. आपदा पर सोचने के साथ प्रत्येक दिन कम से […]

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फोटो कार्यक्रम की खबर अदिथि प्लान की ओर से आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला शामिल हुए डॉक्टर व आपदा के एक्सपर्ट वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरदिल्ली विस की उपाध्यक्ष वंदना कुमारी ने कहा, दिल्ली की तर्ज पर यहां भी मॉक ड्रिल आपदा के लिए कारगर साबित हो सकती है. आपदा पर सोचने के साथ प्रत्येक दिन कम से कम दो घंटे समाज के कार्यों में लगाये. कहा, बच्चों के अनुकूल आपदा प्रबंधन के न्यूनीकरण की योजना भी बने. आपदा प्रभावित बच्चों के लिए विशेष नीति निर्धारण करने की जरू रत है. विस उपाध्यक्ष वंदना मुजफ्फरपुर-पटना मार्ग स्थित होटल अतिथि में अदिथि प्लान की ओर से आपदा प्रबंधन विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं.अपर समाहर्ता, आपदा भानु प्रताप सिंह ने कहा, आपदा से बचाव व विस्थापितों का पुनर्वास पुरानी पद्धति थी. आज की जरू रत है कि आपदा से निबटने में हम कितने सक्षम हैं. आपदा से लड़ने में हम कितने तैयार हैं. वार्निंग सिस्टम कितना दुरुस्त है. यह मायने रखता है. सेल टैक्स विभाग के संयुक्त आयुक्त सुजय प्रकाश ने कहा, आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान व आपदा के बाद के लिए एक विशेष मनोवैज्ञानिक तैयारी होनी चाहिए. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ विनोद व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ स्मिता ने बताया कि आपदा के दौरान गर्भवती महिला व नवजात बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं. इस मौके पर संस्था के अधिकारी सुबोध कुमार, अविनाश कुमार, नीरज पराशर ने भागा लिया.

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