उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर. मोतीपुर के तीन दर्जन से अधिक लोगों का मलेशिया में बंधक बनने के मामले में कई सनसनी खेज खुलासा हो रहे है. परिजनों को बंधकों की ओर से दी जा रही सूचनाओं से यह बात सामने आयी है कि नौकरी के नाम पर विदेश ले जाने वाले एजेंट का जाल गांव-गांव फैला हुआ है. इसका तार पिछले तीन माह पहले भगवानपुर गोलंबर के पास एक होटल में बरामद हुए पांच दर्जन से अधिक फर्जी पासपोर्ट से जुड़ा हुआ लग रहा है. हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है. लेकिन, परिजनों ने संयुक्त श्रमिक आयुक्त बिहार को दिये आवेदन में जिन लोगों का नाम जिक्र किया है. इसे जाहिर होता है कि एक बड़ा रैकेट गांव के भोले भाले युवकों को नौकरी के नाम पर विदेश ले जाने में सक्रिय है.नौकरी के नाम पर युवकों से लाखों रुपया ऐंठा जाता है. आवेदन में परिजनों ने इंडिया एजेंट अमृत लाल पंचाल व इमरान बोहरा को इस पूरे खेल का मास्टर माइंड बताया है. बंधकों के परिजन रजनीश दूबे, गोरख ठाकुर के अनुसार, ये लोग साहब बन कर गांव आये थे. मोटी तनखा की नौकरी का लालच देकर युवकों को अपने जाल में फंसाया. तीन अप्रैल 2015 को चेन्नई ले जाने से पहले इन युवको का इंटरव्यू भी लिया गया था. इमरान बोहरा के साथ बच्चा सिंह उर्फ गोखले, मिथून महतो, मो. असलम, नंदन कुमार सिंह उर्फ अवीनाश कुमार सिंह के रैकेट में शामिल होने की बात कही जा रही है.
मलेशिया:: विदेश ले जाने के लिए गांव-गांव में फैला है एजेंटो का जाल
उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर. मोतीपुर के तीन दर्जन से अधिक लोगों का मलेशिया में बंधक बनने के मामले में कई सनसनी खेज खुलासा हो रहे है. परिजनों को बंधकों की ओर से दी जा रही सूचनाओं से यह बात सामने आयी है कि नौकरी के नाम पर विदेश ले जाने वाले एजेंट का जाल गांव-गांव फैला […]
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