कृषि के हर अंग पर प्रभाव डालता है मौसम व जलवायु

फोटो : माधव 5- मुखर्जी सेमिनरी स्कूल में मौसम व जलवायु पर कार्यशालामुजफ्फरपुर. मुखर्जी सेमिनरी स्कूल में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2015 के सफल संपादन के लिए जिले के विज्ञान शिक्षकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का मुख्य विषय मौसम व जलवायु था. कार्यशाला का उद्घाटन राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा के […]

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फोटो : माधव 5- मुखर्जी सेमिनरी स्कूल में मौसम व जलवायु पर कार्यशालामुजफ्फरपुर. मुखर्जी सेमिनरी स्कूल में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2015 के सफल संपादन के लिए जिले के विज्ञान शिक्षकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का मुख्य विषय मौसम व जलवायु था. कार्यशाला का उद्घाटन राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा के पूर्व कुलपति डॉ गोपाल जी त्रिवेदी ने किया. उन्होंने कहा, कृषि के हर अंग पर मौसम व जलवायु अपना प्रभाव डालता है. मौसम में बदलाव के कारण कभी सूखा तो कभी बाढ़ की स्थित से कृषि को झेलना पड़ता है. भारत में 15 कृषि जलवायु जोन हैं. इसका आधार बारिश, तापमान, वायुवेग व भूमि उपयोग है. कार्यशाला का संबोधित करते हुए डॉ फूलगेन पूर्वे ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत परियोजना गतिविधि बच्चों को प्रश्न पूछने व खोज करने का अवसर प्रदान करती है. दस साल का कोई भी बच्चा इस कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी जिज्ञासा को आगे बढ़ा सकता है. डॉ राम किशोर प्रसाद ने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाना है. डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि किसी स्थान के वायुमंडल की खास समय में स्थिति व स्थितियों में परिवर्तन मौसम को दर्शाती है, जबकि अधिक समय में औसत मौसम को जलवायु कहते हैं.

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