दो वर्षीय बीएड कोर्स को अब लगेंगे 95 हजार!

मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विवि में इन दिनों सत्र 2015-17 के बीएड कोर्स में नामांकन की प्रक्रिया जारी है. दो वर्षीय इस कोर्स के लिए कुल एक लाख पैंतीस हजार पांच सौ रुपये निर्धारित है, लेकिन छात्र-छात्राओं को 40.5 हजार रुपये की राहत मिल सकती है. राजभवन की रेगुलेशन कमेटी ने दो वर्षीय बीएड कोर्स […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 5, 2015 3:12 AM
मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विवि में इन दिनों सत्र 2015-17 के बीएड कोर्स में नामांकन की प्रक्रिया जारी है. दो वर्षीय इस कोर्स के लिए कुल एक लाख पैंतीस हजार पांच सौ रुपये निर्धारित है, लेकिन छात्र-छात्राओं को 40.5 हजार रुपये की राहत मिल सकती है. राजभवन की रेगुलेशन कमेटी ने दो वर्षीय बीएड कोर्स के लिए 95 हजार रुपये शुल्क निर्धारित करने का फैसला लिया है.
राज्यपाल की सहमति मिलने के बाद इसे चालू सत्र से ही लागू करने की योजना है. यदि यह लागू होता है, तो विवि से संबद्ध उन कॉलेजों को, जिन्होंने फी व सिक्यूरिटी मनी के रू प में पूरे दो साल का शुल्क ले लिया है. उन्हें छात्र-छात्राओं को शेष राशि लौटानी होगी.
मंगलवार को राजभवन में रेगुलेशन कमेटी की बैठक हुई. इसमें सूबे के तमाम विश्वविद्यालयों के कुलपति को आमंत्रित किया गया था. बीआरए बिहार विवि के कुलपति डॉ पंडित पलांडे की अनुपस्थिति में प्रतिकुलपति डॉ प्रभा किरण इसमें शामिल हुई. बैठक में राजभवन के एडवाइजरी बोर्ड के प्रस्ताव को रखा गया.
जानकारी के अनुसार, इसमें दो वर्षीय बीएड कोर्स का फी 75,000 रुपये तय किया गया था. कई कुलपति ने इसका विरोध किया. उनका तर्क था कि एनसीटीइ ने 16 शिक्षक रखना तय कर दिया है. इसके अलावा कोर्स संचालन के लिए अलग से कर्मचारी भी रखना होगा. ऐसे में फी कम किये जाने से कोर्स का संचालन मुश्किल हो जायेगा. काफी माथापच्ची के बाद कोर्स का फी 95 हजार रुपये तय किया गया.
इसके लिए कमेटी के सदस्यों का तर्क था कि जो शिक्षक रखे जायेंगे, उन्हें वेतनमान नहीं दिया जाना है. कक्षा के हिसाब से उन्हें पैसा मिलेगा. यही नहीं, बीएड कोर्स के छात्र सामान्यत: गरीब घरों से होते हैं. ऐसे में उन पर अधिक आर्थिक बोझ नहीं दिया जा सकता है.

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