कैसे होती है हर दिन 25 सौ किताबों की लेनदेन!

मुजफ्फरपुर: वीसी डॉ पंडित पलांडे ने पियर टीम के सामने अपने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के समय सेंट्रल लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र करना शुरू किया. इसी बीच टीम के एक सदस्य ने सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) में लाइब्रेरी से किताबों के लेन-देन के आंकड़ों का हवाला देते हुए सवाल दागा. सवाल था कि रिपोर्ट […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर: वीसी डॉ पंडित पलांडे ने पियर टीम के सामने अपने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के समय सेंट्रल लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र करना शुरू किया. इसी बीच टीम के एक सदस्य ने सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) में लाइब्रेरी से किताबों के लेन-देन के आंकड़ों का हवाला देते हुए सवाल दागा. सवाल था कि रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल लाइब्रेरी में करीब 1.25 किताबें हैं. वहीं प्रतिदिन किताबों के लेन-देन का आंकड़ा औसतन पच्चीस सौ है. क्या ऐसा संभव है? अचानक इस सवाल से अधिकारी भौंचक रह गये. बाद में बताया गया कि टाइपिंग भूल के कारण ऐसा हुआ है, वास्तव में यह आंकड़ा प्रतिदिन ढाई सौ का है.
एक सुपरवाइजर कितना शोध करा रहे हैं? पावर प्वाइंट प्रजेंटशन में कुलपति ने बताया कि फिलहाल विवि में कुल 1263 शोध कार्य हो रहे हैं. इस पर एक बार फिर पियर टीम के एक सदस्य ने आपत्ति जतायी. उन्होंने सभी पीजी विभागों में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या का हवाला देते हुए पूछा, आपके यहां एक सुपरवाइजर के अधीन कितने शोध कार्य चल रहे हैं? इस पर टीम को बताया गया कि कुछ कॉलेजों में कार्यरत प्राध्यापकों के अधीन भी कई शोध कार्य चल रहे हैं. इस पर टीम ने सवाल किया, क्या वहां शोध की सुविधा उपलब्ध है? इस पर अधिकारी चुप्पी साध गये.
सदस्यों ने प्रजेंटेशन में एक ही विभाग के कुछ खास प्राध्यापकों की उपलब्धि पर अधिक फोकस किये जाने पर भी आपत्ति जतायी. उनका तर्क था कि प्रजेंटेशन में किसी खास आदमी या विभाग को फोकस करने के बजाये विवि की उपलब्धियों का जिक्र किया जाना चाहिए था.
कहां हैं तीन करोड़ रुपये!
वीसी के पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन में कैंपस में सौ किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने में तीन करोड़ रुपये खर्च होने का जिक्र था. टीम के सदस्यों ने इस पर सवाल उठाये. उन्होंने पूछा, कहां है तीन करोड़ रुपये? किस मद से खर्च हुई राशि? अधिकारी इसका जवाब नहीं दे सके. दरअसल, विवि में सोलर सिस्टम केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से लगाया गया है. टीम की आपत्ति इस पर खर्च राशि का जिक्र पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन में करने को लेकर थी.
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