51 दिन बाद भी सदमे से नहीं उबरा सोनी का परिवार

मुजफ्फरपुर: सोनी के साथ ही उसका परिवार घटना के 51 दिन बाद भी सदमे से उबर नहीं सका है. परिचित युवक की हैवानियत का शिकार बना परिवार घटना का जिक्र होते ही डरावने सपने की तरह कांप जाता है. हां, मन में अंदर तक बैठ चुके डर व चिंता के अंधियारे के बीच कहीं एक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 27, 2015 7:46 AM
मुजफ्फरपुर: सोनी के साथ ही उसका परिवार घटना के 51 दिन बाद भी सदमे से उबर नहीं सका है. परिचित युवक की हैवानियत का शिकार बना परिवार घटना का जिक्र होते ही डरावने सपने की तरह कांप जाता है. हां, मन में अंदर तक बैठ चुके डर व चिंता के अंधियारे के बीच कहीं एक कोने में उम्मीद की किरण भी टिमटिमा रही है. वह उम्मीद है न्यायपालिका. सोनी के माता-पिता चाहते हैं कि दोषी युवक को कड़ी सजा मिले. बोले, स्पीडी ट्रायल कर आरोपी राहुल उर्फ विक्की को तत्काल सजा दी जाय.
छह जुलाई को नगर थाना क्षेत्र के गोला बांध रोड मोहल्ले की सोनी (17) पर उसके पिता से मिलने के बहाने आये युवक ने चाकू से जानलेवा हमला किया था. इस हादसे ने परिवार का मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया है. ‘प्रभात खबर’ ने बुधवार को उसके घर जाकर माता-पिता से बात की. वैसे घटना का जिक्र होते ही दोनों के चेहरे पर उदासी छा गयी. कुछ देर तक कमरे में सन्नाटा छा गया. फिर सोनी के पिता ने उस सन्नाटे को तोड़ा. बोले, अब उनकी लड़ाई न्याय के लिए चल रही है. कोर्ट में चल रही गतिविधियों पर वे बराबर नजर रखे हुए हैं. मन में एक डर भी रहता है कि आरोपित युवक के परिवार वाले पैसे का प्रभाव दिखाकर न्याय की राह को मुश्किल न कर दें. बोले, हम चाहते हैं कि स्पीडी ट्रायल कर कोर्ट जल्द से जल्द सजा सुनाए.
सोनी की मां मोतिहारी में टीचर हैं. वह काफी चिंतित व परेशान दिखीं. बोली, घटना ने हमें अंदर तक तबाह कर दिया है. बेटी को लेकर तीन सप्ताह तक अस्पताल में रहे. वापस आये तो घटना की यादें पीछा नहीं छोड़ रही हैं. इस बीच थाना व कोर्ट का भी चक्कर काटना पड़ा. उन्हें इस बात की पीड़ा है कि पुलिस ने मोहल्लेवासियों पर भी मुकदमा थोप दिया. इसके चलते उन्हें और दिक्कत हुई.

इन 51 दिनों में आर्थिक व मानसिक रूप से जो

परेशानी हुई है, उससे उबरना आसान नहीं लगता. फिर बोली, आज की व्यवस्था में तो जितनी परेशानी गलत करने वालों को नहीं ङोलनी पड़ती, उससे कहीं अधिक जो पीड़ित है, वह परेशान होता है.
खुद को एक कमरे तक समेट लेना चाहती है सोनी
मेडिकल की तैयारी कर रही सोनी की जिंदगी उस हादसे ने इस कदर तबाह की है कि उसकी स्थिति देखकर मां-बाप की आंखों से आंसू आ जाते हैं. मां ने बताया कि जिस कमरे में घटना हुई थी, उसमें वह जाना नहीं चाहती. वैसे अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है. पहली मंजिल के कमरे में ही रहती है. हादसे के बाद 22 दिनों तक उसका इलाज एक निजी हॉस्पीटल में हुआ. उसे 11 जगह चाकू लगे थे, जिसमें पांच घाव अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं.