मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विवि की नीतियों से ‘समानता’ के अधिकार का हनन तो नहीं हो रहा, इसकी जांच के लिए एक सेल का गठन किया जायेगा. इस सेल का नाम होगा, इक्वल अपरच्यूनिटी सेल. इसके लिए यूजीसी ने विवि प्रशासन को दो लाख रुपये दिये हैं. सेल का काम सरकारी नीतियों व कार्यक्रमों का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना व विवि को शैक्षणिक, वित्तीय व सामाजिक सुधार के लिए सुझाव देना होगा. इसके लिए एक सलाहकार की नियुक्ति की जायेगी, जिसे प्रतिमाह एक हजार रुपये दिये जायेंगे. विवि में इसके लिए पहल शुरू हो गयी है.
विवि को दसवीं पंचवर्षीय योजना की बकाया 2.42 लाख रुपये की राशि भी मुहैया करा दी गयी है. योजना के तहत उपकरण व किताबों की खरीद के लिए विवि प्रशासन को 2.35 लाख रुपये दिये गये थे, लेकिन विवि प्रशासन ने करीब 2.37 लाख रुपये खर्च कर दिये थे. यूजीसी ने अब जाकर यूजीसी को शेष राशि एलॉट कर दी है.
यूजीसी ने एलएस कॉलेज स्थित कम्युनिटी कॉलेज को सत्र 2015-16 की पहली किस्त के रूप में 60.60 लाख रुपये की राशि एलॉट की है.
इस राशि का उपयोग वेतन भुगतान के साथ-साथ उपकरण की खरीद, फैकल्टी ट्रेनिंग, कौशल विकास, छात्रों के एजुकेशन टूर, सेमिनार, छात्रवृत्ति सहित अन्य मदों में की जा सकेगी. इधर, बीआरए बिहार विवि में सभी छात्र-छात्राओं को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए इक्वल ऑपरच्यूनिटी सेल के गठन के लिए