मुजफ्फरपुर: पाक्सो की विशेष अदालत में कलेक्ट्रेट गैंगरेप मामले में किशोरी ने गुरुवार को अपनी गवाही दी है. पाक्सो के विशेष न्यायाधीश समयनाथ श्रीवास्तव के न्यायालय में चिल्ड्रेन होम की अधीक्षक व दो महिला कर्मचारी पीड़ित किशोरी को लेकर पहुंचीं. विशेष लोक अभियोजक अरुण कुमार चौधरी ने पीड़िता की हाजिरी दी. इसके बाद न्यायालय में गवाही हुई. 16 वर्षीय किशोरी ने अपने बयान में कहा कि मैं पश्चिम बंगाल की रहने वाली हूं. चार जनवरी 2015 को मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर सीतामढ़ी जाने के लिए उतरी. मेरे जीजा का दोस्त मुझे रिसीव करने आया था.
स्टेशन से बाहर खाना खाने के लिए निकले तो एक आदमी से होटल के बारे में पूछा तो कहा, आसपास होटल है. नाम नहीं बताया. हम लोग खाना खाने होटल की ओर गये. खाना खाकर आये तो पांच गुंडा आये और जीजा के दोस्त विनोद को पकड़ कर मारपीट करते हुए अलग ले गये. बोले, हम लोग पुलिस वाले हैं, तुमसे कुछ पूछताछ करनी है. उसके बाद मुझे सरकारी बिल्डिंग के रूम में ले गये, जहां वे लोग मुझसे जबरदस्ती करने लगे. तब मैं रोने लगी. उनका पैर पकड़कर छोड़ने को कहां. पहले चार आदमी ने दुष्कर्म किया. बाद में एक आदमी आया, उसने भी दुष्कर्म किया.
बाद में एक आदमी और आया. उसके साथ मेरे जीजा के दोस्त थे, जिनको वह पकड़े हुए था. इसके बाद वह सब पैसा देने लगे. इस पर मैंने पैसा फेंक दिया. मैं रोते हुए पुलिस के पास गयी और पूरी आपबीती बतायी. इसके बाद पुलिस आयी और रूम दिखाया. बताया कि मेरे साथ जहां घटना हुई, वहां पर चौकी था उस पर चादर था. सोफा सेट भी लगा हुआ था. इसके बाद महिला पुलिस आयी. चादर सहित अन्य सामानों को अपने कब्जे में ले लिया. बताया कि एक आदमी का नाम निक्कू है और दूसरे का नाम याद नहीं है. न्यायालय में उपस्थित गौतम झा एवं विकास तिवारी को न्यायालय में देखकर पहचानने से इनकार कर दिया.