नीतीश कुमार पर नरेंद्र मोदी का निशाना : लालू सजायाफ्ता, घर जब्त कर क्यों नहीं खोला स्कूल

विस चुनाव : नीतीश की भ्रष्टाचार विरोधी नीति पर मोदी ने उठाये सवाल नीतीश के मंत्री बिहार को बेचने का ले रहे एडवांस कुणाल मुजफ्फरपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालू प्रसाद को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भ्रष्टाचार विरोध नीति पर जम कर हमला बोला. कहा, नीतीश ने कहा था कि यदि कोई भ्रष्टाचारी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
विस चुनाव : नीतीश की भ्रष्टाचार विरोधी नीति पर मोदी ने उठाये सवाल
नीतीश के मंत्री बिहार को बेचने का ले रहे एडवांस
कुणाल
मुजफ्फरपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालू प्रसाद को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भ्रष्टाचार विरोध नीति पर जम कर हमला बोला. कहा, नीतीश ने कहा था कि यदि कोई भ्रष्टाचारी पकड़ा जाता है, तो उसकी संपत्ति जब्त की जायेगी और उसके घर में सरकारी स्कूल खोला जायेगा.
क्या स्कूला खुला? और तो और खुद लालू प्रसाद भी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में गये. फिलहाल पैरोल पर जेल से बाहर हैं. क्या उनकी संपत्ति जब्त हुई? क्या उनके घर में स्कूल खुला? नहीं खुला. दरअसल, नीतीश कुमार को तो लालू प्रसाद की मदद से बिहार की कुरसी चाहिए. वह शुक्रवार को पताही हवाई अड्डा परिसर में सभा को संबोधित कर रहे थे.
प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले दिनों टीवी पर नीतीश सरकार के एक मंत्री खुलेआम घूस लेते दिखाये गये थे. वे सरकार बनने पर काम करा देने के नाम पर एडवांस ले रहे थे यानी बिहार बेचने का एडवांस ले रहे थे. नीतीशहमने भी लोकसभा चुनाव के समय भ्रष्टाचारमुक्त भारत का वादा किया था. बीते 16 महीने में मेरे विरोधियों ने मुझे तरह-तरह की गाली दी होगी. लेकिन, मोदी पर एक रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है. मैंने जो वादा किया, उसे निभाया.
उन्होंने दावा किया कि एनडीए की सरकार बनी, तो उनकी तीन प्राथमिकताएं होंगी, पढ़ाई, कमाई व दवाई. यानी गरीब के बच्चों को सस्ती व अच्छी शिक्षा मुहैया करायी जायेगी. युवाओं को बिहार में ही रोजगार मुहैया कराया जायेगा. इसी तरह सस्ती दवा मुहैया करायी जायेगी.
हिसाब नहीं मिलने पर जनता साफ कर देती है
पीएम ने कहा, देश के लोगों को बिहार की जनता की राजनीतिक सूझबूझ से सीख लेने की जरूरत है. वह जब देती है, तो छप्पर फाड़ कर देती है. लेकिन, जब हिसाब नहीं मिलता है, तो चुन-चुन कर साफ कर देती है. आजादी के बाद 35 वर्षों तक कांग्रेस पर विश्वास किया.
उन्हें उम्मीद थी कि सरकार कुछ करेगी. पर, कांग्रेस की सरकार ने जनता के बजाय अपने लिए सब कुछ किया. यही कारण है कि जनता ने उसे बिहार से साफ कर दिया. बाद में लालू प्रसाद व उनकी पत्नी पर जनता ने विश्वास जताया. लेकिन, लालू प्रसाद जाति व भांति-भांति के खेल में इतने मशगूल हो गये कि दिल्ली में बैठे बुद्धिजीवी भी चकरा गये.
लेकिन, जब उन्होंने भी जनता का हिसाब नहीं दिया, तो तो पिछले 10 सालों से उन्हें भी सत्ता से दूर रखा. जनता ने नीतीश कुमार को चुन लिया. उन्हें अटल बिहार वाजपेयी का सहयोग प्राप्त था. लोगों को वाजेपयी पर विश्वास था. लेकिन, नीतीश ने भी जनता को छला. यही कारण है कि 10 साल बाद ही जनता उन्हें सत्ता से बेदखल कर देगी.
ताबिज नहीं, युवाओं को लैपटॉप चाहिए
नरेंद्र मोदी ने कहा, बिहार चुनाव जैसे-जैसे अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, महागंठबंधन के नेताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है. एनडीए की रैलियों में भीड़ उनकी गरमी बढ़ा देता है. अनाप-शनाप बोलना शुरू कर देते हैं. तांत्रिक की शरण में चले जाते हैं. उन्हें जाने दीजिए तांत्रिक के पास. जनता को तंत्र-मंत्र के पीछे नहीं जाना है. युवाओं को ताबिज नहीं, लैपटॉप चाहिए. वे फिर से 18वीं सदी में नहीं जाना चाहते हैं.
बिहार ने वोट देकर प्रधानमंत्री बनाया, तो मैं बाहरी कैसे
खुद को बाहरी कहे जाने पर विरोधियों पर निशाना साधा. कहा, बिहार के लोगों ने वोट देकर मुझे प्रधानमंत्री बनाया, तो फिर मैं बाहरी कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं, जिसका बिहार एक अंग है. कोई पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल या श्रीलंका का प्रधानमंत्री नहीं हूं. उन्होंने कहा कि नीतीश-लालू बताएं, मैडम सोनिया गांधी भी दिल्ली में रहती हैं. फिर वे बाहरी हैं या बिहार की?
लालू की सरकार में अपहरण था एकमात्र उद्योग
पीएम मोदी ने रोजगार के मुद्दे पर भी लालू-नीतीश को घेरा. उन्होंने कहा, लालू शासनकाल में बिहार में अपहरण उद्योग था. अपहरण कर लोगों से फिरौती वसूली जाती थी. कोई व्यक्ति नयी गाड़ी खरीदता था, तब बिना हफ्ता दिये वह सड़क पर नहीं उतरती थी. नीतीश कुमार ने भी रोजगार के नाम पर युवाओं को ठगने का काम किया. आज भी बिहार के युवक रोजगार के लिए मुंबई व दिल्ली जाते हैं और प्रताड़ित होते हैं.
धन्ना सेठ को नहीं, गरीबों काे है सरकार की जरूरत
53 मिनट के भाषण में मोदी ने कहा, बिहार का भविष्य नौजवान हैं. वे ऐसी सरकार चाहते हैं, जो विकास करे. सरकार होती क्यों हैं? मौज-मस्ती, नेताओं के ऐशो आराम, भाईवाद-भतीजावाद के लिए नहीं, सरकार होती है जनता की सेवा के लिए. धन्ना सेठ को सरकार की जरूरत नहीं. उन्हें बेटे को पढ़ाना हो, तो शिक्षकों की लाइन लग जाती है. इलाज के लिए वे िवमान की व्यवस्था हो जाती है.
सरकार की असली जरूरत गरीबों को होती है, ताकि उनके बच्चों को सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिल सके. सरकारी अस्पतालों में बेहतर डॉक्टर व सस्ती दवा मिले. उन्होंने गरीब के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू किये गये विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया.
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