हथकड़ी खोल कोर्ट कैंपस से कैदी फरार

मुजफ्फरपुर: उत्तर प्रदेश के गृह सचिव एसके रघुवंशी के नाम पर एनेक्सी अनुभाग अधिकारी, मध्य प्रदेश, धत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के बड़े अधिकारियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाला रंजन कुमार मिश्र उर्फ अंकित मिश्र सोमवार को कोर्ट कैंपस से फरार हो गया. रंजन मिश्र के फरार होने की प्राथमिकी नगर थाने में दर्ज […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुजफ्फरपुर: उत्तर प्रदेश के गृह सचिव एसके रघुवंशी के नाम पर एनेक्सी अनुभाग अधिकारी, मध्य प्रदेश, धत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के बड़े अधिकारियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाला रंजन कुमार मिश्र उर्फ अंकित मिश्र सोमवार को कोर्ट कैंपस से फरार हो गया. रंजन मिश्र के फरार होने की प्राथमिकी नगर थाने में दर्ज करायी गयी है.

इस मामले में एसएसपी रंजीत मिश्र ने हाजत प्रभारी राज कुमार दास व एक हवलदार राम प्रवेश शर्मा को सस्पेंड कर दिया है. पुलिस रंजन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. जानकारी के अनुसार, सोमवार को रंजन कुमार मिश्र जेल से प्रॉडक्शन के लिये आया था. दिन के 2.30 बजे रंजन को कोर्ट हाजत से हथकड़ी लगा सिपाही एसडीजीएम के पास पेशी के लिए ले जा रहा था.

इसी दौरान रंजन अपने हाथ में से हथकड़ी खोल कर फरार हो गया. रंजन के फरार होने के बाद सिपाही ने हाजत प्रभारी को इसकी सूचना दी गयी. हाजत प्रभारी ने पुलिस बल के साथ कोर्ट कैंपस में रंजन की तलाश शुरू की. हालांकि, इस दौरान हाजत प्रभारी ने रंजन की फरार होने की सूचना नगर थाने व कोर्ट में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी को नहीं दी. शाम चार बजे तक रंजन पुलिस गिरफ्त में नहीं आया. उसके बाद हाजत प्रभारी ने फरार की प्राथमिकी नगर थाना में दर्ज करायी. प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद एसएसपी रंजीत मिश्र को कैदी के फरार होने की सूचना भी दी गयी. केंद्रीय जेल अधीक्षक ई जितेंद्र कुमार ने बताया कि गिनती के दौरान एक कैदी कम पाया गया, तब इसकी जानकारी ली गयी. शाम सात बजे कैदी के फरार होने की प्राथमिकी की कॉपी उपलब्ध करायी गयी है.

गृह सचिव के नाम पर की ठगी
पिछले एक साल से शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद रंजन कुमार मिश्र उर्फ अंकित मिश्र उर्फ आकाश मिश्र बंद था. मिठनपुरा पुलिस ने उसे जगदीशपुरी मोहल्ला से पकड़ा था. उसके खिलाफ थाने में कई ठगी के मामले दर्ज थे.

रंजन मिश्र जेल से ही बड़े अधिकारियों के सिम का कलोन बनाकर अधिकारियों से ही ठगी करता था. रंजन उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के कई बड़े अधिकारियों से रुपये ठगी कर चुका है. छत्तीसगढ़ सचिव के नाम पर मिठनपुरा इलाके में रहकर पांच लाख रुपये ठगी की थी. इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस की मदद से रंजन को मिठनपुरा के जगदीशपुरी रंजन में छापेमारी की. इस दौरान वह छत से कूद गया था, जिससे उसका पैर टूट गया.

इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. उसे जेल भेज दिया गया. जेल में बंद के दौरान 30 व 31 अगस्त 2015 को रंजन मिश्र ने उत्तर प्रदेश के गृह सचिव एसके रघुवंशी के सिम का कलोन बना एनेक्सी अनुभाग अधिकारी को फोन कर खुद को गृह सचिव बताया. उसने एक मोबाइल नंबर पर पांच हजार रुपये का रिचार्ज करवा लिया. रिचार्ज करवाने के बाद एक एकाउंट नंबर में दो लाख रुपये तुरंत जमा कराने के लिए एनेक्सी अधिकारी को कहा था. एनेक्सी अधिकारी ने जब गृह सचिव से बात की, तो ठगी का खुलासा हुआ. इसके बाद यूपी एसटीएफ की रिपोर्ट केंद्रीय कारा में की गयी. जिसके बाद रंजन के वार्ड में छापेमारी भी की गयी थी. लेकिन कुछ बरामद नहीं हुआ.

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