ग्रामीण क्षेत्र की जमीन का बीस प्रतिशत बढ़े दर पर होगी रजस्ट्रिी

ग्रामीण क्षेत्र की जमीन का बीस प्रतिशत बढ़े दर पर होगी रजिस्ट्री- आंतरिक संसाधन की बैठक में डीएम ने निबंधन, परिवहन, उत्पाद के राजस्व वसूली की समीक्षा – जमीन के एमवीआर तैयार करने के लिए फिर से खेसरा पंजी का मूल्यांकन – पांच श्रेणी में बंटेगी जमीन, एक फसला, दो फसला, आवासीय, व्यवसायी व विकासशील […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

ग्रामीण क्षेत्र की जमीन का बीस प्रतिशत बढ़े दर पर होगी रजिस्ट्री- आंतरिक संसाधन की बैठक में डीएम ने निबंधन, परिवहन, उत्पाद के राजस्व वसूली की समीक्षा – जमीन के एमवीआर तैयार करने के लिए फिर से खेसरा पंजी का मूल्यांकन – पांच श्रेणी में बंटेगी जमीन, एक फसला, दो फसला, आवासीय, व्यवसायी व विकासशील आवासीय क्षेत्र के जमीन का तय होगा एमवीआर उपमुख्य संवाददाता, मुजफफरपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र के जमीन के खेसरा पंजी मूल्यांकन फिर से किया जायेगा. जमीन को पांच श्रेणी एक फसला, दो फसला, आवासीय, व्यवसायी व विकासशील आवासीय में बांटकर जमीन का एमवीआर तय किया जायेगा. राजस्व कर्मचारी को इसकी जिम्मेवारी दी गयी है. इसके लिए प्रति मौजा कर्मचारी को पांच सौ रुपये मानदेय का भुगतान होगा. जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने शनिवार को आंतरिक संसाधन की बैठक में निबंधन विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये. ग्रामीण क्षेत्र के भूमि के निबंधन 20 प्रतिशत वृद्धि दर पर निबंधन करने का आदेश अवर निबंधक पदाधिकारी को दिया. समीक्षा में यह बात सामने आयी कि एक फसला जमीन के निबंधन के लिए सीओ जो रिपोर्ट दे रहे हैं, इसमें जल्दबाजी हो रही है. इसके कारण निर्धारित बाजार मूल्य में काफी अंतर पाया जा रहा है. डीएम ने इस मामले में दोनों डीसीएलआर को एक फसला भूमि की रिपोर्ट को गहन रूप से जांच करने का निर्देश दिया. परिवहन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वार्षिक राजस्व वसूली का लक्ष्य 83.28 करोड़ के विरुद्ध वर्तमान माह तक 41.39 करोड़ की वसूली हो चुकी है.मुद्रित दर से अधिक दर शराब बेचने वाले का लाइसेंस होगा रद्दउत्पाद विभाग की समीक्षा में शराब दुकानदारों द्वारा मुद्रित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने की बात सामने आयी. इस पर डीएम ने उत्पाद अधीक्षक को आदेश दिया जो दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचते हैं, उनका लाइसेंस रद्द कर उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई करे. उन्होंने उत्पाद अधीक्षक को अपना और दोनों एसडीओ का मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने का आदेश दिया ताकि ग्राहकों को इस बात की पूरी जानकारी मिल सके कि कौन से दुकानदार नियम का उल्लंघन कर रहे हैं. औषधि निरीक्षक को प्रतिदिन 20 दुकानों के निरीक्षण का निर्देश दिया गया. बकायेदारों पर कसें शिकंजानीलाम पत्रवाद की समीक्षा के दौरान सभी सीओ को बड़े बकायेदारों की सूची बनाकर उनके विरुद्ध वसूली की कार्रवाई का आदेश दिया गया. डीएम ने कहा कि बॉडी वारंट वाले बकायेदारों की गिरफ्तारी की जाये और राशि वसूलने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाये. खासतौर पर मिलरों के साथ सख्ती से पेश आने का निर्देश दिया गया.

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