समीर की मौत से झिंगहा गांव में गम का माहौलप्रातिनिधि, मोतीपुरयुवती के अपहरण मामले में विगत एक सप्ताह से जेल में बंद मोतीपुर थाना क्षेत्र के झिंगहॉ निवासी मो नसीम के 26 वर्षीय पुत्र मो समीर उर्फ फिरोज उर्फ मो फारुख की जेल में हुई संदेहास्पद मौत से गांव का माहौल गमगीन है. बुधवार देर शाम मो समीर उर्फ फिरोज उर्फ मो फारुख के मरने की सूचना उसके परिजनों को मिली. इसके बाद उसके घर में चीख-पुकार मच गयी. हालांकि उसकी पत्नी मेहरून निशा अपने दोनों बच्चों के साथ अपने मायके पारू थाना के झोझारपुर गांव में थी. मौत की सूचना पर उसके आवास पर लोगों की भीड़ लग गयी. मां सैरून निशा का रो-रोकर बुरा हाल था. वह पुलिस व जेल प्रशासन पर पुत्र को एक साजिश के तहत मारने का आरोप लगा रही थी. मृतक की मां सैरून निशा ने बताया कि समीर शादीशुदा था. उसके दो बच्चे हैं. समीर सभी भाई बहनों में बड़ा था. उसका परिवार मजदूरी कर गुजारा करता है. सभी भाई गांव में रहते हैं और काम के सिलसिले में समय-समय पर प्रदेश जाकर भी रोटी का जुगाड़ करते हैं. सैरून निशा का आरोप था कि उसके पुत्र को अपहरण के झूठे मामले में फंसाया गया है. देर शाम तक उसके पुत्र की मौत की खबर उसे आधिकारिक तौर पर नहीं दी गयी. उसे जब पुत्र की मौत की सूचना मिली तो उसने अपने देवर मो शाहिद को जेल भेजा. कहा, जेल प्रशासन मो शाहिद को समीर के शव के पास नहीं ले गया. उसने अपने पुत्र के हत्या की आशंका जतायी है. उसने सरकार से अपने पुत्र की हुई मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. इधर, मोतीपुर के अपर थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि देर शाम आधिकारिक तौर पर मो समीर उर्फ मो फिरोज उर्फ मो फारुख के मौत की सूचना उसके परिजनों को दी जा चुकी है.
समीर की मौत से झिंगहा गांव में गम का माहौल
समीर की मौत से झिंगहा गांव में गम का माहौलप्रातिनिधि, मोतीपुरयुवती के अपहरण मामले में विगत एक सप्ताह से जेल में बंद मोतीपुर थाना क्षेत्र के झिंगहॉ निवासी मो नसीम के 26 वर्षीय पुत्र मो समीर उर्फ फिरोज उर्फ मो फारुख की जेल में हुई संदेहास्पद मौत से गांव का माहौल गमगीन है. बुधवार देर […]
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