पंचायत चुनाव : 27 जनवरी को तय हो जायेगा आरक्षण

पंचायत चुनाव : 27 जनवरी को तय हो जायेगा अारक्षण – जनसंख्या के आधार पर आरक्षण तय करने के लिए आयोग ने डीएम को दिये निर्देश- आरक्षण तय करने के लिए जिला स्तर पर लगेगा कैंप – आरक्षण में गड़बडी करने वाले अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर अगले साल अप्रैल-मई में होने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 18, 2015 10:03 PM

पंचायत चुनाव : 27 जनवरी को तय हो जायेगा अारक्षण – जनसंख्या के आधार पर आरक्षण तय करने के लिए आयोग ने डीएम को दिये निर्देश- आरक्षण तय करने के लिए जिला स्तर पर लगेगा कैंप – आरक्षण में गड़बडी करने वाले अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर अगले साल अप्रैल-मई में होने वाली पंचायत चुनाव के लिए 27 जनवरी को आरक्षण तय हो जायेगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने सूबे के सभी जिला के आरक्षण अनुमोदन के तिथि निर्धारित कर दी है.चार से उन्नतीस जनवरी के बीच सभी जिले का आरक्षण प्रस्ताव पर आयोग मुहर लगा देगा. इसके बाद पंचायत वार आरक्षण सूची का प्रकाशन कर दिया जायेगा.इसी आलोक में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने डीएम सह जिला निर्वचन पदाधिकारी (पंचायत ) को पंचायतों के जनसंख्या के आधार पर आरक्षण रोस्टर तैयार करवाने का निर्देश दिया है. पंचायतों में आरक्षण का रोस्टर 2011 के जनगणना के आंकड़ों के आधार पर निर्धारित किया जायेगा. आरक्षण के लिए आयोग की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति व पिछड़े वर्ग के लिए कुल मिला कर आरक्षण की सीमा कुल पदों के पचास प्रतिशत की अधिसीमा के अंदर होगी.उससे अधिक नहीं. अगर किसी निर्वाचन क्षेत्र में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पदों की संख्या कुल पदों के चालिस प्रतिशत तक हो जाती है. तब वैसी स्थिति में में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या कुल स्थानों के बीस प्रतिशत के अधिसीमा के अधीन अधिकतम दस प्रतिशत ही रखी जायेगी.अगर किसी निर्वाचन क्षेत्र में एससी व एसटी के लिए आरक्षित पदों की संख्या कुल पदों के पचास प्रतिशत तक हो जाती है तो वैसी स्थिति में पिछड़ा वर्ग के लिए कोई आरक्षण तय होगा.आरक्षण रोस्टर के जिला स्तर पर कैंप पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर के महत्व के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने रोस्टर को वरीय अधिकािरयों के देख- रेख में तैयार कराने का निर्देश दिया है.आयोग ने स्पष्ट कहा कि किसी दवाब में आरक्षण का प्रस्ताव में गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए हर त्रुटियों पर नजी रखी जाये. अगर कोई अधिकारी िकसी बाहरी दबाव में मानक से हट कर आरक्षण का प्रस्ताव तैयार कराते है तो आयोग उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा. आरक्षण प्रस्ताव तैयार कराने की जिम्मेदारी बीडीओ की होगी.