सही रिपोर्ट देने में सीआरसीसी को छूट रहा पसीना

सही रिपोर्ट देने में सीआरसीसी को छूट रहा पसीना स्कूलों का अनुश्रवण: -लोकल शिक्षकों की तैनाती के चलते बन रहा है दबाव -शिक्षक संगठनों के साथ गांव की राजनीति का भी असर संवाददाता, मुजफ्फरपुर स्कूलों में पर्याप्त संसाधन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व सभी बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए सरकार व विभाग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

सही रिपोर्ट देने में सीआरसीसी को छूट रहा पसीना स्कूलों का अनुश्रवण: -लोकल शिक्षकों की तैनाती के चलते बन रहा है दबाव -शिक्षक संगठनों के साथ गांव की राजनीति का भी असर संवाददाता, मुजफ्फरपुर स्कूलों में पर्याप्त संसाधन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व सभी बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए सरकार व विभाग की ओर से काफी प्रयत्न किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर आकर सबकी हवा निकल जा रही है. संकुल व प्रखंड स्तर पर तैयार होने वाली रिपोर्ट में स्थानीय दबाव के चलते निगेटिव चीजें नहीं दिखाई जाती, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है. कई सीआरसी समन्वयकों का कहना है कि अधिकतर विद्यालयों पर प्रभावशाली लोगों के परिवार के सदस्य शिक्षक है. आम दिनों में भले ही स्कूल न आएं, लेकिन जांच की बात सुनते ही स्कूल पहुंच जाते हैं. वे जांच रिपोर्ट को भी प्रभावित करते हैं. दबाव बनाकर अपनी मन-माफिक रिपोर्ट बनाने का दबाव देते हैं. गांव की राजनीति व उनके प्रभाव के चलते काफी कुछ गलत करना पड़ता है. खासकर शिक्षकों व छात्राें की उपस्थिति में ही अधिक दबाव रहता है. भले ही स्कूल में उंगली पर गिनने लायक छात्र उपस्थित मिलें, लेकिन रिकॉर्ड में आंकड़ा सैकड़ा पार का ही दिखाया जाता है. जो प्रभावशाली शिक्षक होते हैं, वे कई दिनों तक गायब रहते हैं. सीआरसी या बीआरसी समन्वयक जान कर भी इसकी रिपोर्ट नहीं भेज पाते क्योंकि उन्हें भी क्षेत्र में ही रहना है. कहीं भी उनकी मरजी के खिलाफ हुआ तो विरोध-प्रदर्शन शुरू हो जाता है. एक सप्ताह में दें संकुलवार रिपोर्ट प्रारंभिक शिक्षा व सर्व शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम प्रभारी नीता कुमारी पांडेय ने सभी बीइओ को पत्र भेजकर विद्यालयों का निरीक्षण रिपोर्ट एक सप्ताह में जमा करने को कहा है. संकुल समन्वयक प्रत्येक महीने विद्यालय भ्रमण के आधार पर गुणवत्ता अनुश्रवण पत्र तैयार करते हैं. इसे समेकित करके जिला कार्यक्रम को उपलब्ध कराया जाता है. प्रखंडों से प्राप्त रिपोर्ट को जिला स्तर पर समेकित कर राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराया जाना है. डीपीओ ने कहा है कि संकुल स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराएं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >