जिले में अवैध तरीके से संचालित हो रहे 398 स्कूल

जिले में अवैध तरीके से संचालित हो रहे 398 स्कूल गड़बड़झाला -केवल 138 विद्यालय रजिस्टर्ड, 158 की चल रही है प्रक्रिया -सत्र 2011-12 व 2012-13 में कराया है 73 ने पंजीकरण -सीबीएसइ से एफीलिएटेड बताकर चल रहा शिक्षा का धंधा -सरकारी नियमों की उड़ा रहे मजाक, अफसर बने तमाशाई संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में शहर से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

जिले में अवैध तरीके से संचालित हो रहे 398 स्कूल गड़बड़झाला -केवल 138 विद्यालय रजिस्टर्ड, 158 की चल रही है प्रक्रिया -सत्र 2011-12 व 2012-13 में कराया है 73 ने पंजीकरण -सीबीएसइ से एफीलिएटेड बताकर चल रहा शिक्षा का धंधा -सरकारी नियमों की उड़ा रहे मजाक, अफसर बने तमाशाई संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में शहर से लेकर गांव तक गली-मोहल्लों में प्राइवेट स्कूलों का जाल बिछ चुका है, लेकिन हैरान करने वाली बात है कि शिक्षा विभाग की ओर से केवल 138 स्कूल की पंजीकृत है. अगर सरकारी आंकड़े पर ही भरोसा करें तो 398 स्कूल अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं. ये स्कूल सीबीएसइ से एफीलिएटेड बताकर शिक्षा का धंधा कर रहे हैं. खुलेआम सरकारी नियमों का मजाक उड़ाया जा रहा है और शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन के जिम्मेदार अफसर तमाशाई बने हुए हैं. बेहतर शिक्षा व सुविधाओं का लालच देकर हर रोज नए-नए स्कूल खुल रहे हैं. शहर में तो कमोबेश हर गली-मुहल्ले में कोई न कोई स्कूल मिल ही जाएगा. ग्रामीण इलाकों में भी अब यही स्थिति हो रही है. हालांकि अधिकर स्कूल अवैध तरीके से ही संचालित हो रहे हैं. काफी प्रयास के बाद शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में कुल 536 स्कूलों का नाम आया है, जिसमें केवल 138 का ही पंजीकरण हुआ है. इसमें भी शिक्षा सत्र 2011-12 व 2012-13 में पंजीकृत 73 स्कूलों का पंजीकरण की अवधि खत्म हो गई है. केवल तीन स्कूलों ने ही नवीनीकरण कराया है. स्कूलों की मनमानी का आलम यह है कि सत्र 2011-12 में पंजीकृत 21 स्कूलों की अवधि पिछले साल ही खत्म हो गई है, लेकिन वे नवीनीकरण कराने को लेकर गंभीर नहीं है. विभाग की ओर से बगैर प्रस्वीकृति के संचालित हो रहे स्कूलों को नोटिस भेजकर एक महीने का समय दिया गया है. डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान नीता कुमारी पांडेय ने बताया कि अभी नोटिस भेजी गई है. रजिस्ट्रेशन न कराने व अवैध तरीके से संचालित होने वाले स्कूलों की मान्यता रद करने के लिए सीबीएसइ को प्रतिवेदन भेजा जाएगा. आठवीं तक के लिए होती है प्रस्वीकृति राज्य सरकार की ओर से कक्षा एक से आठवीं तक के लिए पढ़ाने की स्वीकृति दी जाती है. विभाग का कहना है कि सीबीएसइ से एफीलिएशन केवल नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए होता है. ऐसे में इंटर तक की पढ़ाई के लिए स्कूल संचालक को राज्य सरकार के नियमों के तहत शिक्षा विभाग में भी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. विभाग ने 240 स्कूलों को बताया अयोग्य विभाग ने मानक पूरा न करने के चलते 240 स्कूलों के पंजीकरण आवेदन को अयोग्य मानते हुए रद कर दिया है. साथ ही स्कूल संचालकों को निर्देश दिया गया है कि भवन व संसाधन सहित अन्य मानक को पूरा करते हुए पंजीकरण के लिए दुबारा आवेदन प्रेषित करें. सरकार से तय है प्राइवेट स्कूल का मानक प्राइवेट स्कूलों की मान्यता के लिए सरकार ने मानक तय कर रखा है, जिसे पूरा करने के बाद ही मान्यता मिलेगी. इसमें विद्यालय परिसर का क्षेत्रफल, कुल निर्मित क्षेत्र, खेल मैदान का क्षेत्र, वर्ग कक्षों की संख्या व प्रधानाध्यापक, कार्यालय व भंडार कक्ष की स्थिति देनी है. इसके अलावा खास तौर पर बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पेयजल की सुविधा, एमडीएम के लिए रसोइघर व बाधा रहित पहुंच मार्ग होना जरूरी है.

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