मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के कर्मचारियों की हड़ताल से विवि प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. उनके मान-मनौव्वल के सभी प्रयास अब तक विफल हो चुके हैं. कर्मचारी हर हाल में वेतन भुगतान तक अनशन जारी रखने की बात कह रहे हैं, जबकि विवि के अधिकारी किसी तरह समझा-बुझाकर अनशन खत्म कराने का प्रयास कर रहे हैं.
अनशन के पांचवें दिन शुक्रवार को कुछ कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ने लगी. दोपहर में डॉक्टरों की टीम ने अनशनकारियों का ब्लड प्रेशर व अन्य जांच की. अनशनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांग नहीं पूरी होती, वे बैठे रहेंगे. हालांकि विवि प्रशासन पहले ही अनशन खत्म कराने का सभी उपाय कर चुका है. कर्मचारियों ने पहले ही विवि के कुलपति डॉ पंडित पलांडे से मिलकर वेतन भुगतान की मांग की थी, जिस पर कुलपति ने 10 दिन का समय लिया था. हालांकि जब निर्धारित समय पर भुगतान नहीं हुआ तो 18 जनवरी से कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में अनशन शुरू कर दिया.
कैबिनेट में रखा जाएगा नियमितीकरण का मामला : कर्मचारियों के वेतन के मद में सरकार से हर महीने धन आवंटित होता है, लेकिन उसमें लगे प्रतिबंध के चलते भुगतान नहीें किया जा रहा है. इस संबंध में विवि के कुलपति डॉ पंडित पलांडे ने राज्य के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी से मिलकर कर्मचारियों की समस्या बतायी, तो शिक्षा मंत्री ने भी इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करने का भरोसा दिलाया. मंत्री ने कहा कि यह मामला अकेले बिहार विश्वविद्यालय का नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों से जुड़े महाविद्यालयों में भी ऐसे तमाम मामले हैं. इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों से रिपोर्ट मंगायी जा रही है. सभी को एक साथ बनाकर कर्मचारियों के नियमितीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा.