मुजफ्फरपुर: परिवहन विभाग की जाली मनी रसीद काटने के मामले में शुक्रवार को परिवहन कार्यालय में युवक अमित कुमार सिंह धराया. जिसे पकड़कर नगर थाने के हवाले कर दिया गया. डीटीओ जय प्रकाश नारायण ने सरकारी मनी रसीद का फर्जीवाड करने वाले के विरूद्ध नगर थाने में एफआइआर का आवेदन दिया है. जिसमें बताया की […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
मुजफ्फरपुर: परिवहन विभाग की जाली मनी रसीद काटने के मामले में शुक्रवार को परिवहन कार्यालय में युवक अमित कुमार सिंह धराया. जिसे पकड़कर नगर थाने के हवाले कर दिया गया. डीटीओ जय प्रकाश नारायण ने सरकारी मनी रसीद का फर्जीवाड करने वाले के विरूद्ध नगर थाने में एफआइआर का आवेदन दिया है.
जिसमें बताया की युवक अमित सीतामढ़ी के रूनीसैदपुर थाना क्षेत्र रैनशंकर गांव के विरेंद्र कुमार सिंह का पुत्र है. जिसने परिवहन कार्यालय में स्वीकार किया कि उसने फर्जी मनी रसीद से वाहन संख्या बीआर 06 एएम 6611 (बाइक) की रसीद काटी है. बाइक के ऑनर अरविंद कुमार सिंह को 1300 की रसीद थमाते हुए उनसे 2300 रुपये लिये. एफआइआर के लिए दिये गये आवेदन में युवक द्वारा स्वीकार किये गये बयान की कॉपी तथा वाहन मालिक अरविंद कुमार सिंह के बयान की कॉपी के साथ फर्जी मनी रसीद को भी दिया गया है.
क्या है मामला
भिखनपुरा के बाड़ा जगन्नाथ निवासी अरविंद कुमार सिंह अपने भतीजे अमित कुमार सिंह के गाड़ी का चालान कटा. जिसका जुर्माना भरने के लिए फौजी अरविंद ने अपने भतीजे के दोस्त अमित कुमार सिंह को चालान देते हुए 2300 रुपये दिये. भतीजे के दोस्त अमित ने 1300 रुपये की मनी रसीद (जुर्माना भरने के बाद मिलने वाली रसीद) अरविंद को थमा दिया. रसीद पर अरविंद को शक हुआ तो वह जांच के लिए शुक्रवार को डीटीओ ऑफिस पहुंचे. जहां उन्होंने फाइन काट रहे कर्मी के पास जाकर रसीद की जांच करवाई तो पता चला की यह फर्जी है.
इसके बाद उसने एमवीआइ संजय कुमार टाइगर को रसीद दिखाई. रसीद देखते ही एमवीआइ ने पकड़ लिया की फर्जी है, लेकिन एमवीआइ ने इसकी जानकारी अरविंद को नहीं दी. एमवीआइ ने अरविंद को कहा कि उस युवक को बुलाकर लाये जिसने उन्हें यह रसीद दी है. फौजी अरविंद ने अपने भतीजे के दोस्त को लेकर परिवहन कार्यालय पहुंचा. जहां डीटीओ ने पूछताछ की.
मनी रसीद को कंप्यूटर से कराया स्कैन
अमित ने बताया की वह एक बार डीटीओ कार्यालय में जुर्माना भरने आया था तो उसे जो मनी रसीद मिली. उस रसीद को उसने सदर अस्पताल रोड में एक कंप्यूटर की दुकान पर स्कैन कराया और सादे फॉरमेट में उसे निकाल लिया. उसी रसीद पर युवक ने अपने दोस्त के चाचा का जुर्माना राशि बतौर धारा अंकित करते हुए 1300 का चालान किया. साथ ही रसीद पर पदाधिकारी व क्लर्क का जाली हस्ताक्षर किया. युवक ग्रेजुएशन का छात्र है और अहियापुर में एक लॉज में रहकर पढ़ाई करता है.
युवक ने राजस्व संंबंधी सरकारी मनी रसीद के साथ फर्जीवाड़ा किया है. इस बात को उसने स्वीकार किया है, जिसको लेकर उस युवक के विरूद्ध नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. वाहन मालिक लाल चालान कटने के बाद जुर्माना परिवहन कार्यालय व यातायात थाना में ही जमा कराते हुए रसीद प्राप्त करे.
जय प्रकाश नारायण, डीटीओ
पहले भी आ चुका फर्जीवाड़े का मामला
मुजफ्फरपुर. परिवहन कार्यालय में पूर्व में भी कई प्रकार के फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं. लेकिन फर्जी मनी रसीद का यह पहला मामला है जो सामने आया है. इससे पूर्व परिवहन कार्यालय में फर्जी मेडिकल एटेस्टेड का मामला सामने आया था. जिसके बाद परिवहन विभाग ने इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया से मेडिकल एटेस्टेड को हटा दिया गया. वहीं करीब एक साल पूर्व वाहन ट्रांसफर के दौरान फर्जी स्टांप का मामला सामने आया था. जिसके बाद परिवहन कार्यालय में ट्रांसफर के लिए आये कागजात की जांच की गई तो करीब एक सौ फर्जी कागजात मिले थे, जिसकी जांच के लिए उसे कोलकाता भेजा गया. जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक परिवहन कार्यालय के सामने लाइसेंस के फॉर्म की दुकान पर कुछ बिचौलिये फर्जी तरीके से ब्लड ग्रुप का सर्टिफिकेट वाहन मालिकों को देते है.
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