इंटरनेट व किताबों में दिखायी गयी बिहार की गलत तसवीर
मीनापुर (मुजफ्फरपुर) : फ्रांस की वलेरी लियोनार्ड मंगलवार को अकेली साइकिल से मीनापुर का भ्रमण कर रही थीं. वो चार दिनों के लिए बिहार दौरे पर आयी थीं, लेकिन उन्होंने अपना पूरा समय मीनापुर में ही बिताया. इंटरनेट व किताबों में उन्होंने बिहार का बदसूरत चेहरा देखा था. उसमें बताया गया था कि यहां के लोग अच्छे नहीं होते. यहां माफिया, गैंगेस्टर, गुंडागर्दी का बोलबाला है. यहां पर कोई भी सुरक्षित नहीं है. लेकिन वो यहां जब यहां आयीं, लोगों के बीच गयीं तो सबकुछ बदला-बदला सा नजर आया.
जितनी निगेटिव बातें सुनी थीं, वैसा कुछ नहीं दिखा़ वलेरी के पिता हर्मन लियोनार्ड वर्ष 1948 में बिहार का दौरा कर चुके हैं. उन्होंने अपनी किताबों में यहां की सकारात्मक चीजों को उजागर किया था. दोनों को पढ़ने व सुनने के बाद वलेरी तुलनात्मक अध्ययन के लिए बिहार के दौरे पर पहुंचीं.
चार दिनों के सफर के अंतिम पड़ाव के बाद मुस्तफागंज बाजार में पत्रकारों से खुलकर बातें कीं. उन्होंने कहा कि जैसा बताया गया था, यहां के लोग वैसे नहीं हैं. यहां के लोग काफी अच्छे हैं. बदला हुआ बिहार नजर आ रहा है. वो खुद साइकिल से घूमीं और यहां के लोगों व्यवहार का कायल हो गयीं.