हटाये गये एस्सेल के जीएम

मुजफ्फरपुर : बेनीबाद मुशहरी टोला में गत पांच मई को हाइटेंशन तार गिरने से एक ही परिवार के छह लोगों की हुई मौत मामले में एस्सेल ने बड़ी कार्रवाई की है. सरकार स्तर पर चल रही जांच रिपोर्ट आने से पहले ही विद्युत वितरण कंपनी एस्सेल ने आंतरिक रूप से कार्रवाई करते हुए मेंटनेंस एवं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर : बेनीबाद मुशहरी टोला में गत पांच मई को हाइटेंशन तार गिरने से एक ही परिवार के छह लोगों की हुई मौत मामले में एस्सेल ने बड़ी कार्रवाई की है. सरकार स्तर पर चल रही जांच रिपोर्ट आने से पहले ही विद्युत वितरण कंपनी एस्सेल ने आंतरिक रूप से कार्रवाई करते हुए मेंटनेंस एवं ऑपरेशन के जीएम नीरज गौड़ की छुट्टी कर दी है. इससे एस्सेल के अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप है.
नीचे स्तर के अधिकारी व कर्मियों को डर सताने लगा है कि जब कंपनी जीएम की छुट्टी कर सकती है, फिर उन लोगों की गलती उजागर होगी तो वे कैसे बच पायेंगे? फिलहाल जीएम नीरज गौड़ का काम एजीएम ओबैद खान देख रहे हैं.
इस घटना में जीएम नीरज गौड़ के साथ कई अन्य अधिकारी व संबंधित क्षेत्र के कर्मचारी पर भी कार्रवाई संभव है. इसके लिए एस्सेल की आंतरिक कमिटी जांच कर घटना किस-किस अधिकारी व कर्मियों की गलती से हुई है, इसकी जिम्मेदारी तय करने में जुटी है. हालांकि, जीएम पर हुई कार्रवाई के संबंध में एस्सेल के अधिकारी कुछ कहने से परहेज कर रहे हैं.
ओबैद खान से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कंपनी का निर्णय बताते हुए जीएम नीरज गौड़ के लंबी छुट्टी पर होने की बात कही. हालांकि बिजनेस हेड रमणिक टेंग ने इशारे-इशारे में इसकी पुष्टि कर दी है. उनका कहना है कि यह कंपनी का निर्णय है. जीएम गौड़ काफी दिनों से तबादला चाह रहे थे. इसलिए फिलहाल उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया है. बिजनेस हेड ने बताया कि कंपनी इस घटना में दोषी पाये जाने वाले किसी को नहीं छोड़ेगी.
आपूर्ति सिस्टम को किया जा रहा है दुरुस्त. कंपनी के बिजनेस हेड रमणिक टेंग ने बताया कि जब से उन्होंने मुजफ्फरपुर का कार्यभार संभाला है, तब से लगातार जर्जर सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त करने में जुटे हैं.
उनका बस एक ही मकसद है कि यहां के लोगों को जो बिजली की आपूर्ति हो रही है, उसे सुरक्षित व निर्बाध आपूर्ति की जाये. इसके लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक को चार जोन में बांटा गया है. एलटी के साथ हाइटेंशन तार को ठीक किया जा रहा है. जर्जर पोल व पुराने ट्रांसफॉर्मर को भी बदला जा रहा है. आवश्यकता के अनुसार नये-नये उपकरण भी लगाये जा रहे हैं. इसके बावजूद इसमें कोई गड़बड़ी होती है, तब किसी भी सूरत पर दोषी कर्मियों को कंपनी नहीं छोड़ेगी.
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