बचाव पक्ष की कड़ी शर्तों के आगे सीबीआइ की नहीं चली, नार्को टेस्ट में फिर बाधा

मुजफ्फरपुर : नवरुणा कांड के अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए चार लोगों के नार्कों व ब्रेन मैपिंग टेस्ट की राह कड़ी शर्तों के कारण मुश्किल होती जा रही है. जांच के लिए चयनित रमेश कुमार बब्लू ने एक बार फिर सीबीआइ के समक्ष कड़ी शर्त रख दी है. रमेश की शर्तों का जवाब अब […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर : नवरुणा कांड के अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए चार लोगों के नार्कों व ब्रेन मैपिंग टेस्ट की राह कड़ी शर्तों के कारण मुश्किल होती जा रही है. जांच के लिए चयनित रमेश कुमार बब्लू ने एक बार फिर सीबीआइ के समक्ष कड़ी शर्त रख दी है. रमेश की शर्तों का जवाब अब सीबीआइ 17 जून को न्यायालय में देगी. वहीं राकेश सिन्हा पप्पू की शर्तों का जवाब सीबीआइ ने न्यायालय में दे दिया है. सीबीआइ की जवाब से उन्होंने संतुष्ट होकर जांच के लिए हामी भर दी है. शहर में नहीं होने के कारण ब्रजेश शुक्रवार को भी न्यायालय में उपस्थित नहीं होे सके हैं.
इन शर्तों ने बढ़ायी सीबीआइ की मुश्किल . नार्कों व ब्रेन मैपिंग के लिए चयनित रमेश कुमार बबलू ने शुक्रवार को फिर सीबीआइ के समक्ष शर्त रख दी. उसकी ओर से वरीय अधिवक्ता सैयद कासिम हुसैन व अधिवक्ता दिलीप कुमार ने न्यायालय को शर्तों से संबंधित एक आवेदन दिया. आवेदन के जरीय अधिवक्ताओं ने न्यायालय से कहा कि उसके मुवक्किल रमेश कुमार बबलू टेस्ट के लिए तैयार हैं. लेकिन शर्त यह है कि उनके साथ जांच के दौरान अगर कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जवाबदेही जांच एजेंसी पर होगी. अधिवक्ताओं ने न्यायालय से कहा कि इस जांच के दौरान जो दवा दी जाती है, उसके प्रभाव से मस्तिस्क का सेल टूटना, लकवाग्रस्त होने से लेकर मृत्यु तक की संभावना बनी रहती है. इन परिस्तिथियों में सीबीआइ द्वारा जांच के बाद मुवक्किल को सही सलामत यहां तक पहुंचाने की जिम्मेवारी लेनी होगी. जांच के क्रम में अगर मुवक्किल के साथ कोई हादसा होता है तो उसके पूरे परिवार की जिम्मेवारी भी जांच एजेंसी की होगी.
11 से 22 जुलाई के बीच गांधीनगर में होना है टेस्ट . 11 से 22 जुलाई के बीच चयनित लोगों का नार्कों व ब्रेन मैपिंग टेस्ट होगा. न्यायालय को दिये अपने आवेदन में सीबीआइ ने यह खुलासा किया है. सीबीआइ ने न्यायालय को दिये अपने आवेदन में कहा है कि गुजरात के गांधीनगर स्थित डायक्टरेट ऑफ फॉरेंसिक साइंस भवन में नार्कों व ब्रेन मैपिंग टेस्ट होगी. टेस्ट के पूर्व एक्सपर्ट चिकित्सकों द्वारा चयनित लोगों की चिकित्सकीय जांच की जायेगी. चिकित्सकों द्वारा फिट फॉर टेस्ट का सर्टिफिकेट दिये जाने के बाद ही किसी की जांच की जायेगी.
मेडिकल जांच के बाद टेस्ट के लिए हुए तैयार
सीबीआई जांच के लिए चयनित राकेश सिन्हा पप्पू के मेडिकल टेस्ट के लिए तैयार हो गयी है. अब सीबीआई सदर अस्पताल में जांच कराने के बाद ही उन्हें टेस्ट के लिए गांधीनगर ले जायेगी. गत दो जून को उनके अधिवक्ता ने विशेष न्यायालय में आवेदन देकर चिकित्सकीय जांच के बाद ही टेस्ट के लिए सीबीआई को सौंपने की गुजारिश की थी. न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था. सीबीआई के इंस्पेक्टर रौनक कुमार व लोक अभियोजक शुक्रवार को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया. सीबीआई अब उन्हें टेस्ट के लिए ले जाने के पूर्व सदर अस्पताल में मेडिकल टेस्ट करायेगी. चिकित्सकों द्वारा जांच कर मंजूरी देने के बाद ही उन्हें टेस्ट के लिए ले जायेगी.
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