संकट ही संकट . बारिश से शहर की मुख्य सड़कें बनीं नदी, इधर िबजली ने भी खूब छकाया
एस्सेल की ओर से ओपेन वायर को केबुल वायर में बदलने से उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. दोपहर में बारिश शुरू होते ही पूरे शहर की बत्ती गुल होनी शुरू हो गयी, जो कि देर शाम तक गुल रही. शहर के अलावा प्रखंडों का भी यही हाल है. इस तरह के कट से लोगों कोे पानी भरना भी मुश्किल हो गया है.
मुजफ्फरपुर : बिजली आपूर्ति सिस्टम को दुरुस्त करने एवं ओपेन वायर को केबुल वायर में बदलने के लिए लगातार एस्सेल की ओर से प्रयास किया जा रहा है. रोज-रोज शहर के एक साथ कई फीडर की आपूर्ति को बंद कर पांच से छह घंटे तक तार बदलने का काम चलता है, लेकिन इसका फायदा उपभोक्ताओं को नहीं मिलता दिख रहा है. गुरुवार को तार बदलने के लिए आधे शहर की बिजली बंद की गयी थी. दोपहर में बारिश शुरू हुई, तब पूरे शहर की बत्ती गुल होनी शुरू हो गयी. देर शाम तक एस्सेल के
अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ आम उपभोक्ताओं को अस्त-व्यस्त कर छोड़ दिया था. लगातार बिजली गायब रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. रामदयालुनगर भिखनपुरा ग्रिड से जुड़े आइडीपीएल फीडर शाम तीन बजे से साढ़े छह बजे तक साढ़े तीन घंटे के लिए ब्रेक डाउन में फंसा रहा. मतलब पूरी तरह से आइडीपीएल से जुड़े शहरी समेत मुशहरी ग्रामीण इलाके के चार फीडरों की आपूर्ति बंद रही. इसी तरह माड़ीपुर फीडर दो बजे से शाम के पौने छह बजे तक ब्रेक डाउन रहा. कुढ़नी व ढ़ोली फीडर भी तीन बजे के बाद देर शाम तक काफी देर तक ब्रेक डाउन में रहा.
तार बदलने के लिए आधा व बारिश में पूरे शहर की बिजली गायब
हाइटेंशन तार पर पेड़ गिरने से जीरोमाइल फीडर बंद
एसकेएमसीएच ग्रिड से जुड़े जीरोमाइल फीडर भी गुरुवार को दिन में करीब छह घंटे तक ब्रेक डाउन में रहा. बताया जाता है कि एसकेएमसीएच पावर सब स्टेशन के समीप ही हाइटेंशन तार पर पेड़ गिर गया. इससे तार व पोल क्षतिग्रस्त हो गया. देर शाम तक एरिया मैनेजर दिवाकर कुमार फीडर को चालू करने में जुटे हुए थे. सिकंदरपुर फीडर का भी हाल कुछ इसी तरह का रहा. सिकंदरपुर फीडर से भी दिन में पांच घंटे तक आपूर्ति बंद रही. इससे लोग पानी के लिए परेशान रहे.