बगहा के जंगल में नक्सलियों ने बनाया ऑपरेशन सेंटर

मुजफ्फरपुर: बगहा के जंगलों में नक्सलियों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है. खासकर वाल्मीकिनगर व लौकरिया के जगलों में यह शिविर चलाया जा रहा है. नक्सली इस जंगल को प्रशिक्षण केंद्र के साथ ही ऑपरेशन सेंटर भी बना चुके हैं. इस जंगल को छत्तीसगढ़ व झारखंड की तरह नक्सलियों ने अपने कब्जे में करने की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर: बगहा के जंगलों में नक्सलियों का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है. खासकर वाल्मीकिनगर व लौकरिया के जगलों में यह शिविर चलाया जा रहा है. नक्सली इस जंगल को प्रशिक्षण केंद्र के साथ ही ऑपरेशन सेंटर भी बना चुके हैं. इस जंगल को छत्तीसगढ़ व झारखंड की तरह नक्सलियों ने अपने कब्जे में करने की पूरी तैयारी कर रखी है. इसकी जानकारी होने के बावजूद बारिश व बाढ़ के कारण पुलिस शिविर तक पहुंच नहीं पा रही है, वहीं नक्सली बाढ़ व बारिश का लाभ उठा रहे हैं. खुफिया एजेंसियों ने इस संदर्भ में सरकार व प्रशासन को आगाह किया है.
नक्सलियों के प्रशिक्षण शिविर चलाये जाने की सूचना पर बगहा एसपी आनंद कुमार सिंह ने जंगल से जुड़े नौरंगिया, गोवर्धना, गोबरहिया, वाल्मीकि नगर, लौकरिया व पटखोली थाना पुलिस को अलर्ट कर दिया है. इन थानों की पुलिस को सख्त निगरानी रखने का आदेश दिया गया है. टाइगर रिजर्व क्षेत्र को भी नक्सलियों ने अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है.
हथियार चलाने का प्रशिक्षण
ट्रेनिंग कैंपों में इनसास, एसएलआर, कारबाइन, एके 47, एके 56 आदि हथियारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन दो प्रशिक्षण केंद्रों पर 40-40 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसमें आधा दर्जन युवतियों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है. खुफिया एजेंसियों ने पहले ही सरकार व प्रशासन को आगाह कर दिया था, लेकिन पुलिस इस पर ठोस कदम नहीं उठा पायी. नक्सलियों ने इसका लाभ उठाते हुए दो प्रशिक्षण केंद्र खोला है. आसपास के इलाके के लोगों में इस प्रशिक्षण शिविर को लेकर बेचैनी है. लोग जंगल में नक्सलियों को आते-जाते देखते रहते हैं, लेकिन भय से कोई मुंह खोलना नहीं चाहता है. वनरक्षक ने भी सबकुछ जानते हुए चुप्पी साध रखा है. एसएसबी के जवान भी नक्सलियों की गतिविधियों पर निगरानी रख रहे हैं.
हथियारों की जिम्मेवारी मुकेश पटेल को
हथियारों की जिम्मेवारी रुन्नीसैदपुर के बलुआ निवासी हार्डकोर नक्सली मुकेश पटेल उर्फ विशाल जी को दी गयी है. प्रशिक्षण शिविर का संचालन भी मुकेश पटेल की देखरेख में किया जा रहा है, जबकि राजन राम उर्फ रामबाबू राम उर्फ प्रहार के निर्देश पर यह प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है. वह इसकी मॉनीटरिंग भी कर रहा है. स्थानीय स्तर पर लौकरिया थाना के भेलाही निवासी हार्डकोर इनामी नक्सली राजेंद्र उरांव व द्वारिका महतो को प्रशिक्षण व ऑपरेशन सेंटर के लिए स्थल चयन की जिम्मेवारी दी गयी थी. उन्हीं दोनों की ओर से चयनित स्थल पर शिविर चलाया जा रहा है. करीब 36 से 40 किमी में यह जंगल है. इसके साथ ही यूपी व बाल्मीकि नगर के बीच दरियाव नदी गुजरने से बीच में काफी जगह खाली है. इसका भी लाभ नक्सली उठा रहे हैं. उत्तर व पश्चिम में नेपाल के जंगल जुड़े हुए हैं. इसका भी लाभ नक्सली उठा रहे हैं. इस जंगल होकर कई छोटी-बड़ी नदियां भी गुजरती हैं. इसके कारण पुलिस को वहां पहुंचना मुश्किल है. प्रशिक्षण शिविर में खासकर शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मोतिहारी व बेतिया के नक्सलियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि हथियार चलाने के साथ ही भागने, छुपने व हमला बोलने की भी ट्रेंिनग देने के लिए छत्तीसगढ़, बंगाल व झारखंड से नक्सली आये हुए हैं.
जेल छूटे नक्सली भी शिविर में शामिल
जेल से छूटे नक्सली भी इस शिविर में शामिल हैं. हार्डकोर नक्सली मुसाफिर सहनी सहित जेल से छूटे अन्य नक्सली भी इस शिविर के संचालन में जुड़े हुए हैं. उत्तर बिहार के संगठन को कमजोर पड़ते देख नक्सलियों ने इस तरह की बड़ी योजना बनायी है. यदि इस पर काबू नहीं पाया गया तो नक्सली मधुबन कांड की पुनरावृत्ति कर सकते हैं. इसको लेकर इतने दिनों से प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है. वैसे तो साहेबगंज व पारू के दियारा क्षेत्रों में भी बीच-बीच में प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन बाढ़ के कारण अभी सभी नक्सली बगहा व वाल्मीकि नगर के जंगल में पहुंचे हुये हैं.
पहले से वाल्मीकि नगर में चलता आ रहा ट्रेंिनग सेंटर
वाल्मीकि नगर के टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में पहले से ही नक्सलियों का ट्रेंिनग सेंटर चलता आ रहा है. 2003 से 2007 तक ट्रेंिनग सेंटर चलता रहा. इसमें कई बड़े नक्सलियों ने यहां ट्रेंिनग ली थी. इन्हीं ट्रेंिनग कैंपों में नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी की भी मींिटग हुई थी. इसमें आध्र प्रदेश के कृष्णकांत ंिसह, ओशो उफ तालिम बाबा जैसे कई नक्सली शामिल हुए थे.
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