डॉक्टर व कर्मी दोषी नहीं होंगे तो होगा आंदोलन

मुजफ्फरपुर : बच्चे की मौत के बाद साहेबगंज में पीएचसी में तोड़फोड़ की घटना के बाद सरकारी डॉक्टरों का संगठन भाषा ने त्वरित आंदोलन के मूड में नहीं है. भाषा के पदाधिकारी पहले मामले की जांच करेंगे. यदि डॉक्टर या कर्मी की गलती नहीं पायी गयी तब इसके विरोध में एकजुट होंगे. ऐसा पहली बार […]

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मुजफ्फरपुर : बच्चे की मौत के बाद साहेबगंज में पीएचसी में तोड़फोड़ की घटना के बाद सरकारी डॉक्टरों का संगठन भाषा ने त्वरित आंदोलन के मूड में नहीं है. भाषा के पदाधिकारी पहले मामले की जांच करेंगे. यदि डॉक्टर या कर्मी की गलती नहीं पायी गयी तब इसके विरोध में एकजुट होंगे. ऐसा पहली बार हुआ है

जब भाषा डॉक्टर व सरकारी अस्पताल में हुई घटना के विरोध में तत्काल आगे नहीं आया हो. गायघाट पीएचसी में महिला की मौत के बाद डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की जांच रिपोर्ट में डॉक्टर की गलती होने की बात सामने आने पर भाषा ने अपना रुख बदला है. अब वे तत्काल विरोध करने के बजाये पहले मामले की जांच करेंगे. भाषा के जिला अध्यक्ष डॉ कन्हैया शर्मा कहते हैं कि सरकार डॉक्टरों को डेढ़ लाख महीना दे रही है तो उन्हें काम भी करना चाहिए.

आजकल डॉक्टर पीएचसी में जाने से बचते हैं. डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं रहता है या रहने के बाद भी मरीज को नहीं देखता है व उससे उसकी मौत होती है तो डाॅक्टर जिम्मेवार है. ऐसी स्थिति में लेागों के आक्रोश को गलत नहीं कहा जा सकता. लेकिन डॉक्टर के देखने व अपनी क्षमता से इलाज के बाद भी मरीज की जान नहीं बच पाती तो डॉक्टर जिम्मेवार नहीं है.
सबसे पहले घटना के कारण का पता करना जरूरी है. सचिव डॉ शिवशंकर कहते हैं कि साहेबगंज पीएचसी प्रभारी की ओर से उन्हें कोई मैसेज नहीं मिला है. वे संगठन को इस संबंध में सूचित करेंगे तो घटना के विरोध में आंदोलन या अन्य विरोध के लिए विचार किया जायेगा.
वर्जन
मुजफ्फरपुर : साहेबगंज पीएचसी में महिला मरीज की मौत पर जिप सदस्य पूनम देवी ने जिम्मेवार डॉक्टर व एएनएम पर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा है कि महिला की मौत स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण हो गयी. साथ ही उन्होंने पीएचसी को क्षति पहुंचाने वाले दोषियों पर भी कार्रवाई की मांग की है.
इन दिनों पीएचसी में तोड़फोड़ जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है. यह स्थिति पूरे बिहार में है. दोष दोनों तरफ का है. घटना की जांच हो रही है. इसके बाद ही दोषियों पर कार्रवाई होगी.
– डॉ ललिता सिंह, सिविल सर्जन
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