बहन ने दिया भाई की अरथी को कंधा, दी मुखाग्नि
सकरा : बहन व भाई का रिश्ता बहुत ही पवित्र होता है. शादी के समय बहन की डोली उठाने के लिए भाई सबसे आगे आता है. वह हर बहनों के लिए सबसे होता है. सभी लड़कियों का अरमान होता है कि उसका भाई उसके साथ डोली लेकर ससुराल तक जाये. लेकिन, उस सकरा प्रखंड के […]
सकरा : बहन व भाई का रिश्ता बहुत ही पवित्र होता है. शादी के समय बहन की डोली उठाने के लिए भाई सबसे आगे आता है. वह हर बहनों के लिए सबसे होता है. सभी लड़कियों का अरमान होता है कि उसका भाई उसके साथ डोली लेकर ससुराल तक जाये. लेकिन, उस सकरा प्रखंड के गौरीहार गांव निवासी (50वर्षीय) गोपाल साह की पुत्री 15 वर्षीय किरण कुमारी का यह अरमान पूरा होने से बाकी रह गया. किरण ने ही अपने भाई (28 वर्षीय) राजीव लोचन की डोली को हमेशा के लिए विदा किया.
उसे अपने कंधे पर लेकर श्मशान तक गयी. किरण के इस कदम को देख पूरे गांव के लोगों के आंसू थम नहीं रहे थे. श्मशान पहुंच किरण ने अपने भाई राजीव लोचन के शव को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया. आंसुओं की बहती धारा के बीच राजीव लोचन के चिता को अग्नि देव को समर्पित किया. रोते-रोते किरण का हाल बहुत ही खराब हो चुका था. किरण ने अपने भाई को मुखाग्नि इसलिए दी कि राजीव के पिता गोपाल साह राजीव के साथ ही सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गये थे.
उनका इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा है. डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल में ही रहने की सलाह दी है. वह भी चल फिर करने लायक नहीं है. घर में मुखाग्नि देने के लिए और कोई नहीं था. इसलिए किरण ने मुखाग्नि देकर अपने भाई को अंतिम विदाई दी. गांव के लोग किरण की इस वेदना से मर्माहत थे.
