पुलिस की मिलीभगत से जेल में पहुंच रही शराब!

मुजफ्फरपुर : शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा के अंदर शराब पहुंचाने के आरोपित कैदी वाहन के चालक सुरेश के परिजनों ने पूरे मामले की जांच निगरानी विभाग से कराने की मांग की है. उसे साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाते हुए इसमें पुलिस पदाधिकारियों के भूमिका होने का शक जाहिर किया है. मामले का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुजफ्फरपुर : शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा के अंदर शराब पहुंचाने के आरोपित कैदी वाहन के चालक सुरेश के परिजनों ने पूरे मामले की जांच निगरानी विभाग से कराने की मांग की है. उसे साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाते हुए इसमें पुलिस पदाधिकारियों के भूमिका होने का शक जाहिर किया है. मामले का उद‍्भेदन कर सुरेश ठाकुर को आरोप मुक्त कराने के लिए विजिलेंस एसपी को पत्र लिखा है.

चालक का काम वाहन चलाना है, सामान की जांच नहीं : विजिलेंस एसपी को दिये पत्र में जेल में शराब पहुंचाने के आरोपित सुरेश ठाकुर की पत्नी मंजू देवी ने पूरे मामले की जांच का आग्रह किया है. पत्र में उसने कहा है कि चालक का काम कैदी वाहन को चलाना है. अगर उसमें कोई अवैध समान रखा गया था तो उसकी जांच वाहन के साथ चल रहे पुलिस पदाधिकारी को करनी चाहिए थी. अगर किसी कैदी ने गाड़ी में अवैध समान रखा ही था तो उसे चेक करने की जिम्मेवारी आखिर किसकी थी.
जेल परिसर में जांच के दौरान जो झोला पकड़ा गया उसमें रखे फ्रूट जूस की बोतल में शराब पायी गयी थी. इसके लिए उसके पति सुरेश ठाकुर की गिरफ्तारी साजिश का हिस्सा है. कैदी वाहन में कौन कैदी क्या सामान ले जा रहे हैं, इसके जांच के लिए पुलिस पदाधिकारी की नियुक्ति होती है. अगर वाहन में रखे झोले के अंदर फ्रूट जूस के बोतल के अंदर शराब ले जाया जा रहा था तो इसकी जांच नहीं करनेवाले पुलिस पदाधिकारी के उपर कार्रवाई होनी चाहिए थी. लेकिन उन पुलिस पदाधिकारियों को बचाने के लिए साजिश रच कर उसके पति सुरेश ठाकुर को जेल भेज दिया गया. मंजू देवी ने इस पूरे प्रकरण के जांच की मांग की है.
24 अक्तूबर को पकड़ा गया था सुरेश ठाकुर : कैदी वाहन का चालक सुरेश ठाकुर 24 अक्तूबर को कैदियों को उपस्थापन के लिए न्यायालय लेकर आने के बाद करीब साढ़े पांच बजे उन्हें वापस लेकर जेल परिसर पहुंचा था. कैदियों के अंदर जाने के बाद उसके वाहन की जांच जेल के मुख्य द्वार पर तैनात रिजर्व कक्षपाल रामबाबू यादव ने ली. वाहन में मौजूद झोला की तलाशी ली तो उसमें एक किलोग्राम कलाकंद मिठाई, सेब व चार नामी कंपनी की फ्रूट जूस का डिब्बा था. शक होने पर कक्षपाल ओमप्रकाश यादव, रामसूरत साह, रामाशीष कुमार राम, चंद्रदेव ठाकुर व विजय कुमार यादव ने गहन तलाशी ली.
तलाशी के क्रम में चार में से दो फ्रूट जूस के डिब्बे में शराब पायी गयी थी. इसकी सूचना काराधीक्षक को दी गयी थी. उन्होंने चालक सुरेश को मिठनपुरा पुलिस के हवाले कर दिया और इस मामले का लिखित प्रतिवेदन भी दिया. काराधीक्षक के दिये गये प्रतिवेदन के आधार पर मिठनपुरा थानाध्यक्ष विजय कुमार राय प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था.
पूछताछ में चालक सुरेश ठाकुर ने भी जेल हाजत पर प्रतिनियुक्त एक दारोगा विजय कुमार पर आरोप लगाया था. एसएसपी विवेक कुमार ने भी उसके आरोप की जांच का निर्देश नगर डीएसपी आशीष आनंद को दिया था.
सुरेश के परिजनों ने लगाया आरोप
कैदी वाहन का चालक है सुरेश ठाकुर
चालक की पत्नी ने निगरानी एसपी को आवेदन देकर की जांच की मांग
जूस के डिब्बे में जेल के अंदर शराब पहुंचाने के आरोप में जेल में बंद है चालक
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