छात्र को पीटने पर शिक्षक को पेट्रोल छिड़क जलाया

मुजफ्फरपुर: स्कूल नहीं आने पर छात्र को पीटना एक शिक्षक के लिए महंगा पड़ गया. छात्र की पिटाई से आक्रोशित परिजनों ने रात में सोते समय शिक्षक के शरीर पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी. इससे शिक्षक 80 प्रतिशत जल गया. परिजनों ने गंभीर हालत में शिक्षक को शुक्रवार की अहले सुबह एसकेएमसीएच में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुजफ्फरपुर: स्कूल नहीं आने पर छात्र को पीटना एक शिक्षक के लिए महंगा पड़ गया. छात्र की पिटाई से आक्रोशित परिजनों ने रात में सोते समय शिक्षक के शरीर पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी. इससे शिक्षक 80 प्रतिशत जल गया. परिजनों ने गंभीर हालत में शिक्षक को शुक्रवार की अहले सुबह एसकेएमसीएच में भरती कराया, जहां से शाम को उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने पीएमसीएच रेफर कर दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है.

बताया जाता है कि सीतामढ़ी के मेजरगंज निवासी राममूर्ति प्रसाद के पुत्र केशव कुमार (25) अपने गांव में ही निजी स्कूल चलाते हैं. स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़नेवाला छात्र आशीष कुमार पांच-छह दिनों से स्कूल नहीं आ रहा था. स्कूल संचालक मे इसकी जानकारी छात्र के परिजनों को दी. इसपर छात्र की मां ने संचालक को बताया कि उनका बच्चा पढ़ाई में ध्यान नहीं देता है. वह दोस्तों के साथ गोली खेलता है. मां ने अपने बेटे को स्कूल ले जाकर पढ़ाने की बात कही.

जमीन पर लेट कर आग बुझाने का प्रयास : आरोपितों के भागने के बाद स्कूल संचालक ने जमीन पर लेट कर शरीर में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया. इसके बाद दौड़ते हुए घर पहुंचे. वहां से उसे परिजनों व अन्य सहयोगियों के साथ इलाज के लिए एसकेएमसीएच लाया गया. इसके बाद मेडिकल में पुलिस को जानकारी दी गयी. सूचना मिलने के बाद एसकेएमसीएच पहुंची पुलिस को घटना की जानकारी दी गयी. लेकिन, डॉक्टर के रेफर कर दिये जाने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सका.

गोली खेलते देखने पर छात्र को पीटा

एसकेएमसीएच में घायल केशव कुमार ने बताया कि गुरुवार की सुबह वह स्कूल की ओर जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में उन्होंने छात्र आशीष को गोली खेलते हुए देख लिया. इसके बाद उसे तीन-चार डंडा मारा और स्कूल ले गया. रात में 8:30 के करीब स्कूल संचालक केशव कुमार खाना खा कर स्कूल में ही सोने चला गया. रात 11:30 बजे के करीब अचानक वह खुद को आग के बीच पाया. जब तक वह कमरे से बाहर निकालता. आग उसके पूरे शरीर में लग गयी थी. आग बुझाने के लिए कमरे से बाहर निकला, तो देखा कि छात्र आशीष कुमार के पिता राममूर्ति प्रसाद व धीरज कुमार वहां से हाथ में डिब्बा लिये भाग रहे थे.

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