मुजफ्फरपुर : मिठनपुरा में पानीटंकी के पास से गिरफ्त में आये शातिर अनिल ओझा की संपित्त जब्त होगी. इसकी कवायद शुरू कर दी गयी है. उसके फरार रहने की अविध में अर्जित संपित्त जब्त की जायेगी. सिटी एसपी के निर्देश के बाद पुलिस ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है.
हत्या व रंगदारी जैसे संगीन कांडों को अंजाम देकर फरार रहने के दौरान अनिल ओझा के करोड़ों की संपित्त अर्जित करने की बात कही जा रही है. गिरफ्तारी के बाद सिटी एसपी आनंद कुमार ने विश्वविद्यालय थाने पुलिस को उसकी अवैध तरीके से अर्जित की गयी संपित्त के बारे में पता लगाने को कहा है. साथ ही इसका पालन सख्ती से करने को कहा है. तीन साल पहले एक अगस्त
अिनल ओझा की…
2013 को विवि परिसर में छात्र नेता शमीम की हत्या हुई थी. इसमें आरोप अनिल ओझा पर लगा था. घटना के बाद वहां जम कर बवाल हुआ था. शमीम के परजिनों ने अनिल ओझा, राजकुमार व तीन अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. शमीम हत्याकांड के बाद अनिल आपराधिक घटनाओं को अंजाम भी दे रहा था. खबड़ा सहित अन्य जगहों पर करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए गोलीबारी व धमकी देने का आरोप उस पर लगा. इसको लेकर उस पर केस भी दर्ज हुये. इससे पूर्व 16 फरवरी को उसने नंदिकशोर ओझा को जमीन नहीं रजिस्ट्री करने पर पूरे परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी थी. इस मामले में कोर्ट के के आदेश पर सदर थाना में दस मई प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. चार मार्च को शुकदेव ओझा पर गोलीबारी के बाद अनिल ओझा अपने गुर्गों को उनके यहां भेज पांच लाख की रंगदारी भी मांगी थी. जांच में सिटी एसपी आनंद कुमार ने माना कि पुलिस डायरी में फरार चल रहा अनिल ओझा लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था. अनिल द्वारा शहर की कीमती जमीन पर कब्जा करने के लिए भूस्वामियों पर गोलीबारी व धमकाने का भी काम किया गया.
सिटी एसपी का निर्देश
शराब पीने के आरोप में गया जेल
शराब के नशे में पानी टंकी चौक पर हंगामा करते पकड़े गये अनिल ओझा को पुलिस ने बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. मामले की प्राथमिकी मिठनपुरा थाना के अपर थानाध्यक्ष सुजीत कुमार के बयान पर दर्ज की गयी है. पुलिस उसके पास से बरामद मोबाइल का कॉल डिटेल को खंगाल रही है. इसके सहारे पुलिस उसके शागिर्दो व संरक्षणकर्ताओं तक पहुंचना चाहती है.
शमीम हत्याकांड का स्पीडी ट्रायल
छात्र नेता शमीम हत्याकांड का स्पीडी ट्रायल कराने का फैसला भी पुलिस अधिकारियों ने लिया है. इस मामले के मुख्य आरोपित अनिल ओझा की गिरफ्तारी के बाद ये फैसला लिया गया है. विवि थाना छात्र नेता हत्याकांड में अनिल ओझा को रिमांड पर भी लेगा. छात्र नेता की हत्या के बाद से फरार अनिल लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहा था.
फरारी के दौरान अजिर्त संपत्ति की शुरू हुई जांच