इमामबाड़े में पेश की गयी मुहर्रम की आखिरी शबेदारी
मुजफ्फरपुर : कमरा मुहल्ला स्थित नवाब तकी खां वक्फ स्टेट इमामबाड़े में गुरुवार को मुहर्रम की आखिरी शबेदारी का आयोजन किया गया. जिसको खिताब कोलकाता से आये मौलाना जकी हसन ने फरमाया. इसके बाद अंजुमने जाफरिया व अंजुमने हैदरी ने नोहाखानी की. रिहाई मिल गयी हर इक को, मगर तन्हा शकीना रह गयी जिंदान के अंधेरे में, मदीना जाने का फरमान न हो सका पूरा. शकीना रह गयी जिंदान के अंधेरे में नोहा सुन कर लोगों की आंखें गीली हो गयी.
शिया समुदाय में नम आंखों से आखिरी शबेदारी की. उधर, हसन चक बंगरा स्थित इमामबाड़े में अंजुमने हाशमिया की ओर से आखिरी शबेदारी का आयोजन किया गया. जिसको खिताब मौलाना शहजादा असगर ने फरमाया. मजलिस के बाद अंजुमने हाशमिया ने नोहाखानी की. मौके पर सैयद जैगम अली, जुल्फकार अली, सैयद शकील अहमद, अब्बास यावर व अंजुमने हाशमिया के सदस्यों ने मुहर्रम में सहयोग के लिए जिला प्रशासन का अाभार प्रकट किया.
मजलिस व जुलूसे अमारी आज
कमरा मुहल्ला स्थित इमामबाड़े में आज मजलिस का आयोजन किया जायेगा. उसके बाद जुलूसे अमारी निकाला जायेगा. यह विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गोला रोड स्थित छोटी करबला तक पहुंचेगी. इसी के साथ शिया समुदाय का दो महीने आठ दिन का मुहर्रम का गम समाप्त हो जायेगा. घरों से काले झंडे उतार दिये जायेंगे व महिलाएं चूड़ी पहनेंगी. गम का अंतराल समाप्त होने के बाद 10 को इद-ए-जहरा का आयोजन किया जायेगा.