मुजफ्फरपुर : जेएन-एनयूआरएम योजना के तहत इमलीचट्टी स्थित बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) डिपो से चल रही लो-फ्लोर बसों के परिचालन लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है. बीएसआरटीसी के प्रमंडलीय प्रबंधक एसएन झा ने बताया कि विभिन्न रूटों में कुछ निजी बस वालों द्वारा सरकारी बसों के परिचालन में बाधा पहुंचा रहे है. रविवार को भी महुआ रोड में पांच गाड़ियों को रोक दिया गया. मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने को सूचना दी गयी, इसके बाद बसों को छोड़ा गया.
वहीं देवरिया रूट में कुछ निजी बस वालों के अलावा ऑटो चालक भी सरकारी बस के चालक को धमकाया. लालगंज रूट में सरकारी बसों को कही पर रूकने नहीं दिया जा रहा है. इस कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है व सरकार के राजस्व को क्षति पहुंच रही है. इस समस्या को लेकर सोमवार को निगम के पदाधिकारियों की टीम विभिन्न रूटों में जाकर स्टॉपेज प्वाइंट पर आ रही दिक्कतों को देखेंगे. साथ ही रूट में पड़ने वाले स्थानीय थानों में जाकर परिचालन में सहयोग को कहेंगे.
वहीं इस मामले को लेकर यह खुद वैशाली डीएम व एसपी से मिल कर पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे. इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर विभाग के प्रधान सचिव को अवगत कराया जायेगा. चालक आराम से परिचालन करे, कोई परेशानी हो तो अविलंब डीएस व मुझे सूचना दे. देवरिया रूट के बस चालक व कंडक्टर ने कहा कि कुछ निजी बस के अलावा वहां के ऑटो चालक भी धमकी देते है. लालगंज रूट में गाड़ी को रोकने नहीं देते है. आरटीए सचिव कुमारी पुनीता श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार नयी सरकारी बसों को 14 दिन का परमिट दिया गया है.
मुजफ्फरपुर. सरकारी लो-फ्लोर बसों का जिस तरह से परिचालन हो रहा है वह गलत है. उक्त बातें बिहार मोटर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर प्रसाद सिंह ने कही. उन्होंने बताया यह बसें शहर में चलाने के लिए थी, जबकि इसका परिचालन लंबी दूरी पर ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है.
निजी बस वालों को 4 से 5 दिन का कंट्रैक्टर परमिट मिलता है तो इसे अधिक दिन का कैसे मिला. इसको लेकर मुख्य सचिव व परिवहन विभाग के प्रधान सचिव से शिकायत की गयी है. हमारी शिकायत पर अमल नहीं हुआ तो हमलोग न्यायालय की शरण में जाएंगे. इस संबंध में जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने प्रमंडलीय आयुक्त से लिखित शिकायत की है. जिसमें बताया कि इन बसों के परिचालन में जो सरकार ने अधिसूचना जारी कि है. इसके तहत इनका परिचालन चार शहर बोधगया, पटना, भागलपुर व मुजफ्फरपुर में शहरी सेवा में दिया जाना है.
जबकि इसका परिचालन ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है, यह नियम के विपरीत है. इसको लेकर हम सभी न्यायालय की शरण में जाएंगे.